Rajasthan में अनुशासनहीनता वाले नेताओं को क्लीनचिट की खबर फैलाकर पायलट समर्थकों को भड़काने की कोशिश, जानिए वजह
राजस्थान में 25 सितम्बर को विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक करने वाले नेताओं को क्लीनचिट की खबर फैलाकर पायलट समर्थकों को उकसाने की कोशीश हुई है। मामले में केसी वेणुगोपाल को सामने आकर स्पष्टीकरण देना पड़ा।

Rajasthan में एक बार फिर सियासी हालात बिगाड़ने की कोशिश की गई है। प्रदेश में मंगलवार को यह खबर फैलाई गई कि राहुल गांधी राजस्थान में 25 सितंबर को हुए सियासी घटनाक्रम मैं अनुशासनहीनता करने वाले तीनों नेताओं को क्लीन चिट दे दी हैं। इसका सीधा मतलब यही था कि प्रदेश में एक बार फिर पुष्कर जैसे हालात पैदा किए जाएं। जिससे सचिन पायलट और उनके समर्थक भड़क उठे और कोई गलती कर बैठे। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली से जयपुर आए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एयरपोर्ट पर मीडिया की मौजूदगी में कहा कि अनुशासन समिति की ओर से किसी भी नेता को कोई क्लीनचिट नहीं दी गई है। समिति के पास अभी कार्यवाही पेंडिंग है। मामले को और स्पष्ट करते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ को अभी तक कोई क्लीनचिट नहीं दी गई है। इन तीनों का मामला अनुशासन कमेटी के पास लंबित है। अभी उस पर फैसला नहीं हुआ है। हम अभी उस पर विचार कर रहे हैं।

भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने जयपुर पहुंचे वेणुगोपाल
जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने आया हूँ। राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसके बाद कांग्रेस प्रवक्ता संदीप चौधरी के साथ वेणुगोपाल सवाई माधोपुर के लिए रवाना हो गए। राजस्थान में 25 सितंबर को बुलाई गई विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक करने की जिम्मेदारी तय करते हुए कांग्रेस की अनुशासन समिति की ओर से इन तीन नेताओं को नोटिस दिए गए थे। हालांकि इन तीनों ने नोटिस के जवाब भी दे दिए हैं। लेकिन अभी तक इन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। माना जा रहा है कि भारत जोड़ो यात्रा के राजस्थान से गुजर जाने के बाद कांग्रेस हाईकमान इन तीनों पर कार्रवाई का निर्णय ले सकता है।

पायलट और उनके समर्थक विधयक कर चुके हैं कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर कांग्रेस हाईकमान के सामने खुद पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने तीनों नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है। विधायक दिव्या मदेरणा, इंद्राज गुर्जर, वेद प्रकाश सोलंकी भी तीनों नेताओं पर कार्रवाई करने की मांग कर चुके हैं। कुछ दिनों पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी की अध्यक्षता में कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक हुई। इसमें सचिव तारिक अनवर, अंबिका सोनी और जीआर राजू भी शामिल हुए थे। तीनों नेताओं ने नोटिस के जवाब में बिना शर्त माफी भी मांगी है। बैठक में तीनों जवाब पेश किए गए और चर्चा हुई फिर तीनों का माफीनामा तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजकर पूछा गया। कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाए। सोनिया गांधी के दफ्तर से जवाब नहीं आया इसलिए ऐसी चर्चाएं शुरू हो गई कि आलाकमान तीनों नेताओं पर कार्रवाई करने के मूड में नहीं है। बाद में कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव हुआ और मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। अब इस मामले में फैसला उन्हीं लेना है। ज्ञातव्य है कि वह खुद 25 सितंबर को हुए तमाम घटनाक्रम के गवाह है।

राहुल गांधी तीनों नेताओं को नहीं दे रहे तवज्जो
तीनों नेताओं पर कार्यवाही होने की संभावना के संकेत तभी मिल गए थे। जब भारत जोड़ो यात्रा ने कोटा में प्रवेश किया तो लाडपुर में हुई पहली नुक्कड़ सभा में ही शांति धारीवाल को राहुल गांधी ने किसी प्रकार की तवज्जो नहीं दी। वहीं दूसरे दिन कोटा शहर के कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए थे तथा कोटा शहर में दोपहर में रुकने का जो कार्यक्रम था। उसे भी रद्द कर दिया गया था। इतना ही नहीं जब राहुल गांधी कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स को संबोधित कर रहे थे तो उस मंच पर भी धारीवाल को स्थान नहीं दिया गया। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने भी इन तीनों पर कार्रवाई नहीं होने पर राजस्थान का प्रभार छोड़ दिया।

नए प्रभारी सुखजिंदर रंधावा दे चुके चेतावनी
यह बात भी ध्यान देने वाली है कि मंत्री महेश जोशी अब तक पूरी यात्रा में कहीं भी नजर नहीं आए हैं। बताया जा रहा है कि कोटा गए जरूर। लेकिन यात्रा में शामिल नहीं हुए। वही धर्मेंद्र राठौड़ केशोरायपाटन में यात्रा के विश्राम के दौरान वहां पहुंचे। लेकिन वे सरदारशहर से नवनिर्वाचित विधायक अनिल शर्मा को साथ लेकर गए ताकि नेताओं से मिलने का बहाना मिल जाए। इससे पहले इन तीनों नेताओं को भारत जोड़ो यात्रा से संबंधित किसी भी कमेटी में शामिल नहीं किया गया। उसी समय अंदाजा लगा लिया गया था कि इन तीनों पर कार्रवाई होना तय है। राजस्थान के नए प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी अनुशासनहीनता के मामले को लेकर स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।












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