Rajasthan में युवाओं के सुझाव ही तय करेंगे राज्य के विकास की दिशा, सीएम गहलोत ने युवाओं को लेकर कही यह बड़ी बात
राजस्थान में सीएम गहलोत ने बजट पूर्व युवाओं से सुझाव लिए। सीएम गहलोत अपने कार्यकाल का अंतिम बजट युवाओं को समर्पित करने जा रहे हैं। इस बार बजट खिलाडियों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस रहेगा।

Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने तीसरे कार्यकाल का अंतिम बजट युवाओं के लिए समर्पित करने जा रहे हैं। सीएम गहलोत का कहना है कि किसी भी राज्य के विकास के लिए युवा खिलाड़ी, महिलाएं प्रोफेशनल्स एवं विद्यार्थी अहम कड़ी हैं। उनकी ऊर्जा और क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग कर प्रदेश के विकास को नई सोच के साथ नई दिशा दी जा सके। इसके लिए राज्य सरकार लगातार फैसले ले रही है। युवाओं एवं महिलाओं को बेहतर अवसर एवं वातावरण उपलब्ध कराकर आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बजट में भी युवाओं और महिलाओं के सुझावों को स्थान दिया गया था। आगामी बजट भी उनकी आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप बनाया जाएगा।

युवाओं को दिया जा रहा प्रोत्साहन
सचिवालय में युवा खिलाड़ी, महिला प्रोफेशनल एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ बजट पूर्व संवाद किया गया। गहलोत ने बजट के लिए सुझाव मांगते हुए कहा कि राजस्थान के युवा अपनी योग्यता के दम पर राज्य के विकास में भागीदार बनें। सरकार उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित करेगी और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराएगी। सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युवा उद्यमियों एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नीतिगत फैसलों और योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

कौशल प्रशिक्षण और रोजगार पर फोकस
सीएम ने कहा कि युवा राज्य सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु है। हमारा प्रयास है कि युवाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हो। विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के लिए राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना 2021 शुरू की गई है।

कुप्रथाओं का उन्मूलन जरूरी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने समाज के उत्थान के लिए सुझाव मांगते हुए कहा कि माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए उड़ान योजना प्रारंभ की गई है। इंदिरा गांधी महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, बैक टू वर्क योजना शुरू की गई है। जनजाति बाहुल्य जिलों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना लागू की गई है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार और विकास में भागीदार बनाने के लिए दहेज, घूंघट एवं बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को दूर करने के सुझाव मांगे। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, मुख्य सचिव उषा शर्मा मुख्यमंत्री सलाहकार गोविंद शर्मा और निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव वित्त सचिव अखिल अरोड़ा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रेहाना रियाज सहित बड़ी संख्या में युवा, महिला एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।












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