Sachin Pilot गुजरात में करेंगे चार जनसभाएं, पायलट कैम्प के विधायक ने खोला गहलोत समर्थक नेता के खिलाफ मोर्चा
Gujarat Assembly Election 2022 में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सोमवार को एक के बाद एक कुल 4 जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पायलट का पहला कार्यक्रम गुजरात की खेड़ा के पागलवर्ल में सुबह 10:30 बजे होगा। यहां वह जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह कांग्रेस की परिवर्तन संकल्प यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे और फिर राजकोट के वीरपुर में सुबह 11:30 बजे उनके स्वागत का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद सचिन पायलट का तीसरा कार्यक्रम गुजरात के माही सागर जिले के लोनावाला में होगा। यहां पायलट 12:15 संतपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद फिर अंत में अपने चौथे कार्यक्रम में पायलट दाहोद में एक जनसभा को शाम 4:15 बजे संबोधित करेंगे।

पायलट समर्थक विधायक ने गहलोत समर्थक नेता को बताया दलाल
इधर राजस्थान में पायलट कैंप के विधायक रामनिवास गावड़िया ने सीएम गहलोत के करीबी माने जाने वाले नेता धर्मेंद्र राठौड़ को दलाल बताया है। परबतसर से विधायक गावड़िया ने कहा कि सीएम गहलोत ने जूते चप्पल उठाने वालों को आरटीडीसी का चेयरमैन बनाया है। विधायक गावड़िया में गहलोत के करीबी नेता राठौड़ का नाम नहीं लिया है। लेकिन उनका इशारा उन्हीं की तरफ माना जा रहा है। विधायक ने कहा कि वह बीजेपी के साथ मिलकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे लोग जूते चप्पल उठाकर राजनीति में आगे बढ़ जाते हैं। गावड़िया ने रविवार को परबतसर में कहा कि जिन्होंने जूते चप्पल उठाकर सेवा चाकरी की उन्हें आरटीडीसी का अध्यक्ष बना दिया। यह पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसी की चापलूसी करके नेता बन जाए और किसी विधायक के क्षेत्र में जाकर पार्टी का नुकसान करें तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राठौड़ कोई जननेता तो नहीं है। सिर्फ कागजी नेता है। इनके कहीं आने जाने से क्या फर्क पड़ने वाला है। काबिलियत होती तो पार्टी टिकट भी देती। लोगों के बीच जाते हैं तो जनता चुनाव भी जितवा कर भेजती है।

पायलट समर्थक विधायक वेदप्रकाश सोलंकी भी बता चुके दलाल
चाकसू से पायलट समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने भी गहलोत के करीबी नेता धर्मेंद्र राठौड़ को दलाल बताया था। सोलंकी ने धर्मेंद्र राठौड़ पर सीधा हमला बोला था। सोलंकी ने कहा था कि राठौड़ अवसरवादी हैं। मौका देखते ही पाला बदल लेते हैं। कभी बीजेपी के लिए दलाली करते थे। इसके बाद धर्मेंद्र राठौड़ ने राजधानी जयपुर में प्रेस वार्ता कर पायलट कैंप के विधायक सोलंकी को जयपुर जिला प्रमुख का चुनाव का हवाला देते हुए गद्दार बताया था। राठौड़ ने कहा कि सोलंकी की गद्दारी की वजह से कांग्रेस बहुमत होते हुए भी जयपुर में जिला प्रमुख नहीं बना सकी।

प्रदेश में शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर
राजस्थान में लंबी खामोशी के बाद पायलट कैम्प के हमलों से प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। आपको बता दें 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी के नेताओं की बयानबाजी पर रोक लगाते हुए एडवाइजरी जारी की थी। दोनों खेमों के नेता कुछ दिन शांत रहे। लेकिन एक बार फिर बयानबाजी शुरू हो गई है।












Click it and Unblock the Notifications