राजस्थान: मदरसों के जो 188 लाख रुपए केन्द्र ने रोके वो गहलोत सरकार ने किए मंजूर
जयपुर। राजस्थान के मदरसों को मिलने वाली 188 लाख की राशि केन्द्र सरकार के रोके जाने के बाद प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार ने जारी की है। राजस्थान की कांंग्रेस सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री सालेह मोहम्मद ने मदरसों की राशि रोके जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने 'सबका विश्वास' जीतने का आह्वान किया था, मगर वे हर समुदाय को साथ लेकर चलने के अपने वादे को पूरा नहीं कर रहे हैं।

राज्यमंत्री सालेह मोहम्मद ने यह भी कहा कि मदरसों की राशि रोके जाने के केन्द्र सरकार के फैसले से मुस्लिम बच्चों की शिक्षा सीधे तौर पर प्रभावित होगी। अल्पसंख्यकों की मदद करने में केन्द्र सरकार और पीएम नरेन्द्र मोदी फेल है। राज्यमंंत्री ने कहा कि वे इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार जताना चाहेंगे, जिन्होंने मदरसों के 188 लाख जारी किए हैं।
इस साल जून में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 प्रतिशत लड़कियों सहित अल्पसंख्यक समुदाय के 5 करोड़ से अधिक छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने घोषणा करते हुए कहा था कि सरकार प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक, व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराएगी। साथ ही केंद्र ने देश की औपचारिक शिक्षा प्रणाली के दायरे में मदरसा लाने की योजना की भी घोषणा की। 'सबको विश्वास' वाली इन घोषणाओं से मोदी सरकार को मुस्लिम समाज का व्यापक समर्थन भी मिला।
जमात उलेमा ए हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना की और साथ ही उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी से उम्मीद की कि वे अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर विवादास्पद बयान देने वाली पार्टी में 'प्रेरणा' के रूप में शासन करेंगे।












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