Ritu Barala VS Niharika Jorwal : राजस्थान छात्रसंघ चुनाव में किसान की बेटी ने काटा मंत्री की बेटी का टिकट
जयपुर, 19 अगस्त। राजस्थान छात्रसंघ चुनाव 2022 की बिसात बिछ चुकी है। अध्यक्ष पदों के प्रत्याशियों को पार्टी का टिकट मिल चुका है। एबीवीपी ने नरेन्द्र यादव को उम्मीदवार घोषित किया है। राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई ने रितु बराला और एबीवीपी ने नरेन्द्र यादव को मैदान में उतारा है।

मंत्री मुरारी मीणा की बेटी है निहारिका जोरवाल
एनएसयूआई की ओर से रितु बराला को प्रत्याशी बनाए जाने के साथ ही छात्र राजनीति का सियासी पारा बढ़ गया, क्योंकि एनएसयूआई प्रत्याशी के तौर पर सचिन पायलट खेमे से राजस्थान सरकार में मंत्री मुरारी मीणा की बेटी निहारिका जोरवाल भी दौड़ में थीं। इनका टिकट तय माना जा रहा था, मगर निहारिका जोरवाल का टिकट कट गया। इससे उन्होंने बगावत कर दी।

रितु बराला की जीवनी
सबसे पहले जानिए आखिर कौन है वो रितु बराला जिस पर एनएसयूआई ने दांव लगाया है। मंत्री मुरारी मीणा की बेटी निहारिका जोरवाल की दावेदारी पर भारी पड़ने वाली रितु बराला किसान की बेटी है। मूलरूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले की अरड़ावता ग्राम पंचायत के बारी का बास गांव की रहने वाली है। रितु बराला साल 2018 में जयपुर के महारानी कॉलेज की छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
रितु बराला इंटरनेशनल स्तर की ताइक्वांडो प्लेयर
बचपन से ही राजनीति में कॅरियर बनाने की दिलचस्पी रखने वाली रितु बराला महारानी कॉलेज की छात्रसंघ अध्यक्ष बनने के बाद छात्र राजनीति में अधिक सक्रिय हो गई। शायद यही वजह है कि एनएसयूआई ने रितु बराला को छात्रसंघ चुनाव 2022 में राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष पद प्रत्याशी बनाया है। रितु बराला इंटरनेशनल स्तर की ताइक्वांडो प्लेयर भी हैं।

झुंझुनूं के जाट परिवार से है रितु बराला
रितु बराला झुंझुनूं के जाट परिवार से ताल्लुक रखती है। इन्होंने शुरुआती पढ़ाइ चिड़ावा की डालमिया बालिका विद्यालय से की। फिर उच्च शिक्षा के लिए महारानी कॉलेज जयपुर में दाखिला लिया। वर्तमान में राजस्थान यूनिवर्सिटी से सोशियोलॉजी (सैकंड सेमेस्टर) से पीजी कर रही हैं। पांच साल से एनएसयूआई की सक्रिय कार्यकर्ता भी है। 22 वर्षीय रितु के पिता महेंद्रसिंह बराला खेती करती हैं। मां अनिता देवी गृहणी हैं। उनका छोटा भाई राहुल भी जयपुर रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है।

रितु बराला को टिकट देने की वजह
मीडिया से बातचीत में एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी कहते हैं कि रितु बराला को टिकट देने की वजह यह है कि वे छात्र हितों के लिए संघर्ष करती रहती हैं। कोरोना महामारी में जब कोई अपने घर से बाहर नहीं आना चाहता था तब रितु बराला दिन-रात छात्रों की मदद करने के लिए सड़कों पर निकलती थी। छात्रों की मांग और उनके काम को देखते हुए उन्हें प्रत्याशी बनाया गया है।

टिकट कटने पर फूट-फूटकर रोई निहारिका
इधर, टिकट कटने से खफा निहारिका पहले तो फूट-फूटकर रोई और फिर बागी तेवर दिखाते हुए बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में ताल ठोंक दी। ऐसे में एनएसयूआई में भीतरघात का खतरा मंडराने लगी है। राजस्थान विवि छात्रसंघ अध्यक्ष का टिकट मिलने पर मीडिया से बातचीत में निहारिका कहती हैं कि उनके पापा जिस विचारधारा को सपोर्ट करते हैं, उनके टिकट कटने में कहीं न कहीं यह फैक्टर भी है। उनका इशारा बिना नाम लिए ये था कि उनके पिता सचिन पायलट गुट से हैं, ऐसे में अशोक गहलोत गुट ने उनका टिकट कटवा दिया। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी अशोक गहलोत खेमे के माने जाते हैं।

निहारिका ने राजस्थान यूनिवर्सिटी में शक्ति प्रदर्शन किया
राजस्थान छात्रसंघ अध्यक्ष में निर्दलीय मैदान में उतरने का ऐलान के बाद निहारिका ने राजस्थान यूनिवर्सिटी में शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने NSUI पर गंभीर आरोप भी लगाए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे एक दावेदार के तौर पर जो भी योग्यता होनी चाहिए, उन सब को पूरा कर रही थी। फिर भी मेरा टिकट कट गया। इस पर मंथन किया तो पता चला कि पिछले कुछ सालों से यूनिवर्सिटी में एससी और एसटी समाज के प्रत्याशियों को मौका नहीं मिलता है। एक यह कारण था। इसके साथ ही पापा मिनिस्टर हैं और ऊपरी स्तर पर जो विवाद चल रहा है। मुझे लगता है, उसका नुकसान भी उठाना पड़ा।












Click it and Unblock the Notifications