राजस्थान: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पहुंचे हाईकोर्ट की शरण में, जानिए हाईकोर्ट जाने की असल वजह
संजीवनी घोटाले को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। शेखावत ने जोधपुर हाईकोर्ट में 482 में याचिका दायर की है। इससे उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने की चर्चाओं को बल मिला है।

राजस्थान के जोधपुर से सांसद और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले में हाईकोर्ट की शरण ली है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर हाईकोर्ट में 482 में एक याचिका दायर की है। शेखावत की इस याचिका के दायर करने के बाद इन चर्चाओं को बल मिला है कि शेखावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है। चर्चा है कि उसी एफआईआर में गिरफ्तारी से बचने के लिए गजेंद्र सिंह शेखावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
दिल्ली में दायर मुकदमे में नहीं एफआईआर का जिक्र
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट में जो मुकदमा दायर किया गया है। उसमें शेखावत ने अपने खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं होने की जानकारी दी है। राजनीति के जानकारों की माने तो राजस्थान में उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज हुई है। जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में शरण ली है। संजीवनी घोटाले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सीएम गहलोत इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। इसी मामले में सीएम गहलोत को दिल्ली की कोर्ट ने राहत भी दी है।
गिरफ्तारी के डर से पहुंचे हाईकोर्ट
चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गिरफ्तारी के डर से हाईकोर्ट की शरण ली है। कानून के जानकार बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री शेखावत के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज हुई है। तभी केंद्रीय मंत्री 482 हाईकोर्ट गए हैं। जानकार बताते हैं कि उच्च न्यायालय में 482 दायर करने के लिए एफआईआर की कॉपी संलग्न की जाती है। जिसे इस धारा में खारिज करवाना होता है। ऐसे में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से उस एफआईआर की कॉपी भी दायर की गई होगी।












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