राजस्थान: बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का जमीनी स्तर तक सत्यापन आवश्यक
बीसूका के उपाध्यक्ष डॉ चंद्रभान ने कहा है कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में अव्वल स्थान पर है। उन्होंने कहा बीसूका में सुधार के लिए लगातार निरीक्षण एवं वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाए।

राजस्थान में बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति के उपाध्यक्ष डॉ चंद्रभान ने कहा है कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में अव्वल स्थान पर है। उन्होंने कहा बीसूका में और सुधार के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण एवं वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाए। जिससे जमीनी स्थिति सामने आ सकें। डॉ. चंद्रभान बुधवार को यहां शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीसूका अपने मूल उद्देश्य गरीबी उन्मूलन तथा समाज में वंचित तबके के शोषण को कम करने में काफी हद तक सफल रही है और आजादी के बाद से अब तक इस कार्यक्रम के माध्यम से आधारभूत परिवर्तन हुए है।
बीसूका के क्रियांवयन में राजस्थान अग्रणी
उन्होंने बीसूका क्रियान्वयन में राजस्थान के देश में अग्रणी होने पर खुशी जाहिर की उन्होंने अधिकारियो को निर्देश दिए कि बीसूका के तहत ज़िलों और विभाग से प्राप्त आंकडों एवं तथ्यों में एकरूपता बेहद आवश्यक है। बीसूका उपाध्यक्ष ने जिलेवार रैंकिंग पर चर्चा करते हुए राजसमंद जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान पर ख़ुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले को लगातार बेहतरी के प्रयास करते रहने चाहिए। उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार प्रसार के साथ-साथ बीस सूत्रीय कार्यक्रमों के सम्बन्ध में जन जागरूकता की बात कही। डॉ.चन्द्रभान ने कहा कि बैठक का मकसद निचले तबके के व्यक्तियों को समाज की मुख्य धारा में लाना है ताकि प्रदेश के अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग एवं वन विभाग में सौ फीसदी उपलब्धियों पर विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासो की सराहना की बीसूका उपाध्यक्ष ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से प्रदेश के राशन डीलर्स के प्रति संवेदनशीलता रखतें हुए उनके कमीशन बढ़ाये जाने की सिफारिश की। डॉ. चन्द्रभान ने कहा कि बीसूका के तहत स्वयं सहायता समूह को कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड, खाद्य सुरक्षा, समेकित बाल विकास सेवाएं, आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन, ग्रामीण सड़कें तथा पौधारोपण में अच्छा काम किया गया है। उन्होंने कहा कि नए एवं पुनर्जीवित स्वयं सहायता समूह, स्वयं सहायता समूह को रिवाल्विंग फंड, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम में और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बीस सूत्रीय कार्यक्रम के विभिन्न क्षेत्रों के अंतर्गत दिसंबर, 2022 से फरवरी, 2023 में अर्जित उपलब्धि की विभागवार विस्तार से समीक्षा की। बैठक में खान एवं पैट्रोलियम विभाग एवं जन स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी एवं भू-जल विभाग, के अतिरिक्त मुख्य सचिव, डॉ सुबोध अग्रवाल ने विभागीय उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। बैठक में स्वायत शासन विभाग के शासन सचिव जोगाराम, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, चिकित्सा, सार्वजनिक निर्माण,महिला एवं बाल विकास, वन, ऊर्जा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।












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