Rajasthan में राहुल गांधी पायलट के गढ़ दौसा में 16 दिसंबर को करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, जानिए पूरी वजह
राजस्थान में राहुल गांधी 16 दिसंबर को दौसा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। पहले यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 18 दिसंबर को अलवर में होनी थी। भारत जोड़ो यात्रा 24 दिसंबर को दिल्ली पहुँचने के बाद 2 जनवरी तक का ब्रेक लेगी।
Rajasthan में राहुल गांधी 16 दिसंबर को सचिन पायलट के गढ़ दौसा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। पहले यह प्रेस कॉन्फ्रेंस अलवर में 18 दिसंबर को होनी थी। अब 18 दिसंबर को राहुल गांधी की अलवर में सार्वजनिक सभा होगी। भारत जोड़ो यात्रा 21 दिसंबर को राजस्थान से प्रस्थान कर के हरियाणा में प्रवेश करेगी तथा 24 दिसंबर को दिल्ली में होगी। जहां यात्रा 2 जनवरी 2023 तक ब्रेक लेगी।

छुट्टियां मनाने लंदन जा सकते हैं राहुल गांधी
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक उम्मीद है कि राहुल गांधी क्रिसमस, नए वर्ष का ब्रेक लेंगे तथा संभवतया लंदन जाएंगे। जहां अवकाश के दौरान नियमित रूप से जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से यहां तक कि कुछ महीने की पदयात्रा की है तथा अब ब्रेक लेंगे। आपको बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र भी चल रहा है तथा 29 दिसंबर को सत्रावसान होगा। गहलोत सरकार यात्रा के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में 16 दिसंबर को जयपुर में संगीत का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेगी। जयपुर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। समारोह में गायिका सुनिधि चौहान प्रस्तुतियां देंगी। ऐसा ही एक आयोजन कमलनाथ ने इंदौर में भी रखा था। जिसमें राहुल गांधी मौजूद रहे थे। लेकिन भीड़ में कुछ लोगों द्वारा मोदी के समर्थन में नारे लगाए जाने पर वे कंसर्ट से चले गए थे।

हिमाचल की जीत से उत्साहित है राहुल-प्रियंका
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान साथ चल रहे सूत्रों का कहना है कि हिमाचल की जीत के बाद राहुल और प्रियंका दोनों ही काफी उत्साहित एवं प्रसन्न नजर आ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की जीत तथा सुक्कू को मुख्यमंत्री बनाने के प्रियंका गांधी के निर्णय को मिले राहुल के समर्थन के बाद पार्टी के अंदर और बाहर यह सकारात्मक संकेत गया कि कांग्रेस के अंदर पीढ़ी परिवर्तन समय की मांग है। सचिन पायलट के लिए यह अच्छी खबर है। भारत दोनों यात्रा जैसे-जैसे राजस्थान में आगे बढ़ रही है। चाय की दुकान पर खड़े आम लोगों और आस पास लोगों के साथ हुए राहुल गांधी के संवाद से उन्हें यह अनौपचारिक जानकारी मिली है कि अगर कांग्रेस राजस्थान में भाजपा को वाकई हराना चाहती है, तो राजस्थान में उन्हें नेतृत्व परिवर्तन करना जरूरी है।













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