Rajasthan News: कांग्रेस हाईकमान ने आखिर क्यों लगाई प्रदेश सचिवों की नियुक्ति पर रोक, जानिए सियासी वजह
राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले कांग्रेस ने प्रदेश में जारी 85 सचिवों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। कांग्रेस की इस सूची पर रोक लगने की वजह गहलोत पायलट विवाद को माना जा रहा है।
Rajasthan News: राजस्थान में पिछले दिनों हुई प्रदेश सचिवों की नियुक्ति पर कांग्रेस हाईकमान ने रोक लगा दी है। कांग्रेस हाईकमान ने 85 प्रदेश सचिवों की नियुक्ति पर रोक लगाई है। पिछले दिनों 27 मई को प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की मंजूरी से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 85 प्रदेश सचिव को नियुक्त किया था। कांग्रेस हाईकमान ने फिलहाल इस पर रोक लगा दी है। इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि हमसे तकनीकी रूप से गलती हुई है। संगठन महासचिव की मंजूरी के बाद प्रदेश सचिवों की सूची नए सिरे से जारी की जाएगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक राजस्थान कांग्रेस ने यह सूची अपने स्तर पर ही जारी कर दी थी। जबकि इसके अधिकार एआईसीसी के पास हैं। इस सूची को लेकर पार्टी हाईकमान से अनुमति नहीं ली गई थी। इसलिए इस पर रोक लगा दी गई है।
एआईसीसी को है सूची जारी करने का अधिकार
राजस्थान कांग्रेस ने अपने स्तर पर इन नाम को फाइनल कर दिया था। लेकिन प्रदेश में पीसीसी सचिव की सूची जारी करने का अधिकार एआईसीसी के पास होता है। ऐसे में इस तरह की गफलत को देखते हुए इस लिस्ट को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। वहीं अब कुछ नए सचिवों के साथ दोबारा सूची जारी की जाएगी। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि सूची पर कांग्रेस अध्यक्ष का अनुमोदन कराना था। लेकिन बिना अनुमोदन ही हमने सूची जारी कर दी थी। हमसे गलती हुई इसलिए रोक लगा दी गई। अब कांग्रेस अध्यक्ष की मोहर लगने के बाद ही घोषणा होगी।

सूची पर गहलोत पायलट विवाद का साया
राजस्थान में विधानसभा चुनाव इसी साल के अंत में होने हैं। कांग्रेस में अभी तक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति भी नहीं हो पाई है। संगठन में खाली पदों को भरने की कवायद धीमी होने की वजह से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर सकता है। हालांकि प्रदेश प्रभारी सुखजिंद्र सिंह रंधावा ने राजस्थान का पदभार संभालते ही कहा था कि संगठन में योग्यता जल्द से जल्द करना उनकी प्राथमिकता है। लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पायलट गुट की खींचतान की वजह से राजनीतिक नियुक्तियों में देरी हुई। बताया जा रहा है कि 85 सचिवों की नियुक्ति में पायलट समर्थकों को कोई जगह नहीं मिली। इसलिए सचिवों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। सियासी जानकारों का कहना है कि गहलोत पायलट विवाद की वजह से 85 सचिवों की नियुक्ति खटाई में पड़ गई है।












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