Rajasthan News : गहलोत समर्थक विधायक रघु शर्मा ने पायलट के समर्थन का किया एलान, जानिए पाला बदलने की वजह
राजस्थान में गहलोत पायलट के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद है। पायलट ने भ्र्ष्टाचार को लेकर मोर्चा खोल रखा है। इसी बीच केकड़ी विधायक रघु शर्मा ने पायलट के समर्थन का एलान कर दिया है।

Rajasthan News : राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच कलह बढ़ता जा रहा है। भ्रष्टाचार के मामलों की जांच को लेकर पायलट ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। प्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इसी बीच गहलोत समर्थक और पायलट के करीबी माने जाने वाले केकड़ी विधायक रघु शर्मा ने पायलट की मांग को लेकर अपने समर्थन का ऐलान किया है। विधायक रघु शर्मा ने कहा कि पायलट कांग्रेस पार्टी के सीनियर लीडर हैं। राज्य में 2018 का विधानसभा चुनाव पीसीसी प्रमुख के रूप में उनके नेतृत्व में लड़ा गया था। जिसमें कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। उस दौरान भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में जो वादे किए गए थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज तक उनकी जांच नहीं करवाई है। आपको बता दें रघु शर्मा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं।
पिछली सरकार के भ्रष्टाचार चुनावी मुद्दा
पूर्व मंत्री रघु शर्मा ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा था। हमने भाजपा के खिलाफ आरोप लगाए थे। इसलिए प्रथम दृष्टया इस पर चर्चा होनी चाहिए। आपको बता दें कि पायलट ने पूर्व भाजपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग को लेकर हाल ही में जयपुर में एक दिन का अनशन किया था। रघु शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने तत्कालीन राज्य सरकार में भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाया था और सत्ता में आने पर जांच का वादा किया था। लेकिन 4 साल से अधिक समय बीत गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार आरोपों की जांच शुरू करने में विफल रही है।
गहलोत पायलट के बीच तनाव बरकरार
प्रदेश में कांग्रेस के सरकार में आने के साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तनाव चल रहा है। 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान सचिन पायलट पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। विधानसभा का चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा गया। लेकिन पार्टी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बना दिया। पायलट समर्थक चाहते थे कि प्रदेश का मुख्यमंत्री सचिन पायलट को बनाया जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी बात को लेकर दोनों नेताओं के बीच तनाव बना हुआ है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सचिन पायलट पर लगातार हमलावर रहते हैं। वहीं सचिन पायलट भी जब-तब गहलोत पर हमला करने से नहीं चूकते हैं। पार्टी हाईकमान ने कई बार बातचीत के जरिए गहलोत पायलट के विवाद को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन दोनों के बीच विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है।












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