Rajasthan: भ्रष्ट अफसरों की उड़ी नींद, अलवर के पूर्व कलेक्टर व 5 RAS अफसरों पर चलेगा केस
Corrupt IAS Rajasthan: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार कई वर्ष से लंबित भ्रष्टाचार के केसों पर सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है।
Corrupt RAS Rajasthan: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 से पहले विपक्ष और सत्तापक्ष के नेता भ्रष्टाचार का मुद्दा बनाने में लगे हैं। ऐसे में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार भी भ्रष्टाचार के लंबित मामलों में सख्ती दिखा रही है।
राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने हाल ही अलवर के पूर्व जिला कलेक्टर व रिटायर्ड नन्नूमल पहाड़िया और सैटलमेंट अधिकारी अशोक सांखला के खिलाफ अभियोजन की इजाजत दी है। राज्य सरकार ने नन्नूमल केस में आईपीसी की धाराओं की इजाजत दी है जबकि पीसी एक्ट के लिए मामला केंद्र सरकार को भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने अप्रैल 2022 में नन्नूमल पहाड़िया और अशोक सांखला को पांच लाख की घूस लेते रंगे हाथ अरेस्ट पकड़ा था। इनके मामले में अभियोजन का निर्णय 23 जून 2022 से लंबित था।
इनके मामलों में दी इजाजत
कजोड़मल दूंडिया, आरएएस
अरुण प्रकाश, आरएएस
जगदीश वर्मा, एईएन
अशोक सांखला, आरएएस
रतन बिश्नोई, आरएएस
रामसिंह, एक्सईएन खेतड़ी
मोहनलाल, एडिशन डायरेक्टर जोधपुर माइंस
मासिंगा राम जांगिड़, आरएएस
इनके मामले अभी भी लंबित
पिछले दो-तीन साल में राजस्थान एसीबी की टीमों ने शानदार कार्रवाई की। दौसा के तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल को एनएचए रिश्वत केस में पकड़ा। इनके खिलाफ राजस्थान सरकार ने आईपीसी की धाराओं में इजाजत दे दी, मगर पीसी एक्ट का मामला केंद्र के पास लंबित है।
वहीं, आईपीएस मनीष अग्रवाल के साथ ही एसडीएम पिंकी मीणा व पुष्कर मित्तल को भी पकड़ा था। इनके मामले में सरकार ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया। सरकार के स्तर पर कुल 59 मामले और विभाग स्तर पर 559 मामले लंबित हैं।












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