Rajasthan: इन अफसर-कर्मचारियों को 3 माह का नोटिस या एडवांस वेतन देकर हटाएगी भजनलाल सरकार!
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों की सूची बनानी दी शुरू कर दी है, जो भ्रष्ट हैं। काम नहीं करते। ऐसे में अफसरों व कर्मचारियों को जबरन रिटायर किए जाने की तैयारी चल रही है।
खबर है कि भ्रष्टाचार में लिप्त और नॉन परफार्मर सरकारी कर्मचारी-अधिकारियों की विभागवार सूची बनाई जा रही है। 15 साल की नौकरी पूरी करने वाले इसके दायरे में हैं। इनको 3 महीने का नोटिस दिया जाएगा।

नोटिस पीरियड की जगह तीन महीने की एडवांस सैलरी और भत्ते देकर भी तुरंत रिटायर किया जा सकता है। इस संबंध में राजस्थान के मुख्य सचिव आईएएस सुधांश पंत ने भी विभागों को भ्रष्ट, काम नहीं करने वालों की सूची बनाने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि राजस्थान में जरूरत पड़ने पर सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1996 के तहत अनिवार्य रिटायरमेंट का प्रावधान है। जबरन रिटायर करने वाले कर्मचारी-अधिकारियों की छंटनी सालाना गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) से भी होती है।
जब आईएएस-आईपीएस को किया गया जबरन रिटायर
राजस्थान में सरकारी अफसर को जबरन रिटायर करने का मामला साल 2018 में सामने आ चुका है। आईएएस अधिकारी जुल्फिकार अहमद खान ने छह साल तक लगातार सालाना गोपनीय रिपोर्ट नहीं भरी थी। इसलिए उनको 31 अक्टूबर 2018 में उसी आधार पर जबरन हटा दिया था। इनके अलावा 29 मार्च 2018 को आईपीएस इंदु भूषण को भी जबरन रिटायर किया गया था। उन पर राज्यपाल से उलझने का आरोप था।
राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया के कार्याकाल में पुलिस, राजस्व समेत कई विभागों के दागी अफसरों को जबरन रिटायरमेंट दिया गया था। आईपीएस इंदु भूषण भी उन्हीं मे से एक थे। उस समय आईपीएस व आईएएस के जबरन रिटायरमेंट का केस चर्चा में रहा था।












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