राजस्थान : सियासी ड्रामा करके पोलो का लुत्फ उठा रहे गहलोत के गुट MLA, गेम ओवर पर क्या बोले मंत्री चांदना?
जयपुर, 26 सितम्बर। राजस्थान में जबरदस्त सियासी ड्रामा चल रहा है। कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश को अस्थिरता में झोंक दिया। एक तरफ अशोक गहलोत तो दूसरी ओर सचिन पायलट गुट के विधायक। अंतिम फैसला आलाकमान को लेना है। दिल्ली से पर्यवेक्षक बनकर जयपुर आए प्रदेश प्रभारी अजय माकन व मल्लिकार्जुन खड़गे बैरंग लौट चुके हैं। इधर, दूसरे दिन सोमवार को जयपुर में अशोक गहलोत के विधायक पोलो का लुत्फ उठाते नजर आए। इनमें राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, खेल मंत्री अशोक चांदना व विधायक संयम लोढा समेत विधायक शामिल थे।

मीडिया से बातचीत में अशोक चांदना ने पूरे सियासी घटनाक्रम पर सीधे तौर पर कुछ बोलने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि पोलो का खेल शानदार रहा, मगर कांग्रेस के घर की बात पर कुछ नहीं बोलूंगा। घर की बात घर में रहने दिजिए। अशोक चांदना बतौर खेलमंत्री कल से अपने कार्यालय जाएंगे या नहीं? इस सवाल के जवाब में चांदना ने कहा कि जो जिम्मेदारी जनता ने उनको सौंपी है वे उसे हर हाल में निभाएंगे। सियासत में हर चीज का समय होता है। जो भ फैसला होगा वो समय आने पर सबको पता चल जाएगा। राजस्थान कांग्रेस में फिलहाल कोई सियासी संकट नहीं है।
इधर, जयपुर से लौटने के बाद प्रदेश प्रभारी अजय माकन व मल्लिकार्जुन खड़गे की सोनिया गांधी के साथ बैठक हुई, जिसमें उन्होंने राजस्थान सियासी घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी। सोनिया गांधी ने पूरे घटनाक्रम पर दोनों नेताओं से लिखित रिपोर्ट मांगी है, जो वे सोमवार रात या मंगलवार सुबह तक दे सकते हैं।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अजय माकन ने कहा कि हाईकमान के निर्देश पर वे मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ रविवार को जयपुर गए थे। सीएम अशोक गहलोत से बातचीत करके विधायक दल की बैठक के लिए शाम सात बजे व जगह तय की थी। बैठक में सभी विधायकों की रायशुमारी करनी थी, जिसके आधार पर हाईकमान को अंतिम फैसला लेना था।
अजय माकन ने बताया कि जयपुर में अशोक गहलोत गुट के विधायकों ने उनके सामने तीन मांगें रखी। एक ये कि हाईकमान को उनके रायशुमारी की फैसला 19 अक्टूबर के बाद लेना चाहिए। दूसरी मांग ये थी कि विधायक दल से सामूहिक रूप से बात की जाए। वन टू वन ना मिले। तीसरी मांग यह थी कि राजस्थान का नया सीएम कांग्रेस के उन 102 विधायकों में से बनाया जाए जिन्होंने राजस्थान सियासी संकट 2020 के समय राजस्थान सरकार को बचाने का काम किया।












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