Rajasthan : सचिन पायलट के जालौर जाने से नाराज हैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जानिए वजह
जयपुर, 20 अगस्त। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जालौर के दलित छात्र की मौत पर पीड़ित परिवार से मिलने जाने पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से नाराज है। सीएम गहलोत ने एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि हमारे यहां जाने का रिवाज है। किसी की मृत्यु होती है तो जाना चाहिए। जाने में कोई हर्ज नहीं है। कोई भी जाए। लेकिन कौन क्या कमेंट करता है। उन्होंने वहां जाकर क्या कमेंट किया। यह मेरी जानकारी में नहीं है। मैं कल गुजरात में व्यस्त था। सचिन पायलट ने कोई कमेंट किया होगा तो सोच समझकर ही किया होगा। हमारे प्रदेश अध्यक्ष वहां गए हैं। हमारे जिन विधायक ने इस्तीफा दिया। वह भी उनके साथ गए। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दी गई है। मामले की सीबीआई जांच भी हो तो हमें ऐतराज नहीं है। पिछले दिनों जालौर में शिक्षक की पिटाई के बाद दलित छात्र की मौत के मामले में प्रदेश की सियासत गरमा गई थी। गहलोत के इस बयान को पायलट के जालौर जाने पर नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

पायलट ने कहा था हमें को जिम्मेदारी लेनी होगी
जालौर में दलित छात्र की मौत के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पीड़ित दलित परिवार से मिलने जालौर गए थे। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद पायलट ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था। क्राइम हर प्रदेश में होता है यह कहना ना काफी है। हमें घटना की जिम्मेदारी लेनी होगी। पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को सख्त कदम उठाने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि लोगों के जेहन में कानून का डर होना चाहिए। पायलट ने पीड़ित दलित परिवार पर अत्याचार करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग भी की थी। जालौर में दलित छात्र की मौत के बाद प्रदेश में सियासी बवाल हो गया था।

घटना को लेकर कांग्रेस विधायकों में असंतोष
जालौर में शिक्षक की पिटाई से दलित छात्र की मौत के बाद कांग्रेस के विधायकों में असंतोष है। दलित वोट बैंक की खिसकने के डर से विधायकों ने अपनी सरकार के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी। बारां जिले के अटरू से विधायक पानाचंद मेघवाल ने तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा तक भेज दिया था। बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए मंत्री राजेंद्र गुढ़ा और विधायक लाखन सिंह मीणा ने सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दे दी थी। वही सचिन पायलट ने पीड़ित परिवार से मिलकर जालौर के मामले में न्याय की मांग की थी। पीड़ित परिवार से मिलने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित पांच मंत्री और आधा दर्जन विधायक जालौर पहुंचे थे। पूर्वी राजस्थान में दलित वोट बैंक की राजनीति करने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता खिलाड़ी लाल बैरवा ने भी अपनी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व तक को अपनी पीड़ा से अवगत कराया था। विधायकों को दलित वोट बैंक खिसकने का डर सता रहा है।













Click it and Unblock the Notifications