Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीएम मोदी के मांगे नहीं मानने से निराश, जानिए पूरी वजह
Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे सबसे सीनियर नेता बताते है तो मेरी सीनियरिटी का मान ही रख लेते। सीएम गहलोत ने अलवर जिले के खैरथल में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मानगढ़ आगमन के दौरान उन्होंने पीएम के सामने तीन मांगे रखी थी। लेकिन उन्होंने निराश ही किया गहलोत ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को चिरंजीवी योजना पूरे देश में लागू करने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने तथा रतलाम से डूंगरपुर वाया बांसवाड़ा रेलवे लाइन को मंजूरी देने की बात कही थी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मानगढ़ आए पीएम मोदी ने गहलोत को मंच पर मौजूद नेताओं में सबसे सीनियर बताया था। मुख्यमंत्री ने सरिस्का के पास खनन कार्य खोलने के सवाल पर कहा कि वे इसे दिखाएंगे और जो भी वाइल्डलाइफ के हित में होगा वही किया जाएगा। उनके पास भी शिकायत आई थी।

पीएम मोदी ने टाल दी सीएम गहलोत की मांगे
मानगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफ करते हुए उन्हें सीनियर नेता बताया था। गहलोत ने अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी के सामने तीन मांगे रखी थी। मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करना, चिरंजीवी योजना को पूरे देश में लागू करना और रतलाम से डूंगरपुर को वाया बांसवाड़ा रेलवे लाइन से जोड़ना। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहलोत की तीनों मांगों को टाल दिया। इसे लेकर राजस्थान के नेताओं ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया की थी।

बयानबाजी करने के बजाय सरकार रिपीट करने पर ध्यान दें
सीएम गहलोत ने कहा कि इस समय किसी को भी बयानबाजी नहीं कर राजस्थान में फिर से कांग्रेस की सरकार रिपीट करने के लिए प्रयास करने चाहिए। राज्य सरकार ने प्रदेश में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। कांग्रेस सरकार ने ऐसी योजनाएं दी है। जिनकी तारीफ पूरे देश में की जा रही है।













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