Pankaj Chaudhary : जानिए कौन हैं IPS पंकज चौधरी, पत्नी की वजह से क्यों हुए थे बर्खास्त?

जयपुर, 13 मई। राजस्थान कैडर के चर्चित आईपीएस में एक पंकज चौधरी फिर सुर्खियों में हैं। बिना तलाक के दूसरी शादी करने के मामले में मार्च 2019 में बर्खास्त हुए आईपीएस पंकज चौधरी को अब बहाल कर दिया गया है।

पत्नी मुकुल चौधरी ने शेयर की जानकारी

पत्नी मुकुल चौधरी ने शेयर की जानकारी

देर रात केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बहाल करने के आदेश मिलने के बाद आईपीएस पंकज चौधरी को राजस्थान सरकार में अपनी ज्वाइनिंग दे दी है। यह जानकारी आईपीएस पंकज चौधरी की पत्नी मुकुल ने सोशल मीडिया पर शेयर की है।

 भाजपा सरकार में सिफारिश, कांग्रेस राज में हटाया

भाजपा सरकार में सिफारिश, कांग्रेस राज में हटाया

राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में आईपीएस पंकज चौधरी को बर्खास्त करने की सिफारिश की गई थी। राज्य की सिफारिश को केंद्र ने तब मंजूर कर लिया था। फिर में सत्ता बदलते के बार अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में उन्हें सेवा से हटाया गया था।

 फैसले को दी कैट में चुनौती

फैसले को दी कैट में चुनौती

पुलिस सेवा से बर्खास्त किए जाने के फैसले को पंकज चौधरी ने कैट में चुनौती दी थी। कैट ने पंकज चौधरी की सेवा समाप्त करने को गलत माना था। कैट के आदेश को लेकर लगातार पंकज चौधरी राज्य सरकार के सामने अपना प्रजेंटेशन देकर अपना पक्ष रख रहे थे।

 अधिकारियों के सामने दिया था प्रेजेंटेशन

अधिकारियों के सामने दिया था प्रेजेंटेशन

दिसम्बर 2020 में कैट की प्रधान पीठ ने पंकज चौधरी की बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर बहाल करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पंकज चौधरी ने राज्य के कार्मिक विभाग, मुख्य सचिव निरंजन आर्य और डीजीपी MLA लाठर के सामने अपना प्रेजेंटेशन भी दिया था।

लोकसभा चुनाव में नामांकन हो गया था निरस्त

लोकसभा चुनाव में नामांकन हो गया था निरस्त

पुलिस सेवा से बर्खास्त होने के बाद पंकज चौधरी ने राजनीति की राह पकड़ ली थी। कर्मभूमि बाड़मेर-जैसलमेर से लोकसभा चुनाव 2019 में बसपा के टिकट पर भाग्य आजमाना चाहा, मगर नामंकन पत्र में सेवा से बर्खास्तगी के संबंध में निर्वाचन विभाग से सर्टिफिकेट नहीं लगाए जाने के कारण एनवक्त पर उनका नामांकन पत्र निरस्त हो गया था। इसके बाद कांग्रेस से मानवेन्द्र सिंह और भाजपा से कैलाश चौधरी मैदान में बचे थे। कैलाश चौधरी चुनाव जीते। वहीं, बसपा से ही पंकज चौधरी की पत्नी मुकुल चौधरी को जोधपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था।

 नैनवां दंगों में लापरवाही का आरोप

नैनवां दंगों में लापरवाही का आरोप

पंकज चौधरी वर्ष 2011 से 2018 के बीच कोटा, बांसवाड़ा, जैसलमेर, अजमेर, बूंदी, दिल्ली और जयपुर में अलग अलग पदों पर रहे हैं। मंत्री सालेह मोहम्मद के पिता गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोलने के बाद वे पहली बार चर्चा में आए थे। इसके बाद नैनवां, बूंदी में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद उन्हें लापरवाही बरतने के आरोप में हटाया भी गया था।

दूसरी शादी मुकुल चौधरी से

दूसरी शादी मुकुल चौधरी से

पंकज चौधरी ने राजस्थान के कई आईपीएस, आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर चर्चा में रहे थे। पंकज ने सुधा गुप्ता से 4 दिसंबर, 2005 को शादी की और कानूनी रूप से 5 मई, 2018 को उनसे अलग हो गए थे। फिर दूसरी शादी मुकुल चौधरी से की।

 पहली शादी सुधा गुप्ता से की

पहली शादी सुधा गुप्ता से की

पंकज चौधरी ने पहली शादी सुधा गुप्ता से की थी। सुधा गुप्ता व पंकज का विवाह 4 दिसंबर 2005 को वाराणसी में हुआ था। उस दौरान पंकज मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉमर्स में ऑडिटर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उनकी बेटी का जन्म हुआ जो अभी 7 वर्ष की है और हाथरस में सातवीं कक्षा में पढ़ रही है। साल 2008 को पंकज चौधरी का चयन भारतीय पुलिस सेवा में हो गया और 2009 को उन्हें राजस्थान कैडर प्राप्त हुआ।

गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोलकर चर्चा में आए

बता दें कि पंकज चौधरी मूलरूप से यूपी के रहने वाले हैं। चौधरी ने सेवारत रहते हुए राजस्थान के कई जिलों में एसपी के पद पर अपनी सेवाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर भी चौधरी चर्चाओं में रहे हैं। बाड़मेर में एसपी रहते हुए वर्ष 2013 में गाजी फकीर की हिस्ट्रशीट वापस खोलकर चौधरी चर्चा में आए थे।

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