Rajasthan में भारत जोड़ो यात्रा आने से पहले चढ़ रहा सियासी पारा, जानिए पूरी वजह
Rajasthan में सर्दी भले ही धीरे-धीरे जोर पकड़ रही हो। लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा के पहुंचने से पहले राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खेमे के विधायकों ने जहां कांग्रेस का आलाकमान के सामने राजस्थान के लंबित मुद्दों को हल करने की मांग उठाई है। वही गुर्जर समुदाय के नेता विजय बैंसला ने अपनी पुरानी मांगों को लेकर यात्रा का विरोध करने की धमकी दी है। ऐसे में राहुल गांधी की यह यात्रा सरकार पर दबाव बनाने के लिए संगठनों और राजनेताओं का जरिया बन रही है।

भारत जोड़ो यात्रा की आड़ में दबाव की राजनीति
भारत जोड़ो यात्रा से पहले राज्य में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के नेतृत्व वाले खेमों में खींचतान फिर तेज हो गई है। सत्ता और संगठन में भागीदारी की लगातार वकालत कर रहे पायलट के वफादारों का मानना है कि यह यात्रा उनकी मांगों को लेकर दबाव बनाने का निर्णय का अवसर हो सकती है। इसलिए दोनों गुटों के बीच कुछ दिनों की शांति के बाद एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। वहीं अजय माकन द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को हाल ही में भेजा गया पत्र भी एक अहम घटनाक्रम है। जिसमें उन्होंने खुद को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने का आग्रह किया है।

राजस्थान में 3 दिसंबर को आएगी भारत जोड़ो यात्रा
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार 3 दिसंबर को राजस्थान में दाखिल होगी। यह पदयात्रा मध्य प्रदेश से राजस्थान के झालावाड़ में प्रवेश करेगी। राज्य में लगभग 25 दिन के दौरान भारत जोड़ो यात्रा झालावाड़, कोटा, सवाई माधोपुर, दौसा और अलवर से होकर गुजरेगी। यह यात्रा 18 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। जिनमें से 12 कांग्रेस के पास हैं। इनमें से कई विधानसभा क्षेत्र गुर्जर और मीणा बहुल है।

गुर्जरों ने विरोध के लिए शुरू किया बैठकों का दौर
गुर्जर नेता विजय बैंसला ने कांग्रेस सरकार पर समुदाय से जुड़े मुद्दों को हल नहीं करने का आरोप लगाते हुए यात्रा को बाधित करने की धमकी दी है। बैंसला ने यहां तक कहा कि हम तंग आ चुके हैं। मैं राज्य सरकार को चुनौती देता हूँ कि वह हमारे लंबित मुद्दों का समाधान किए बिना प्रदेश में यात्रा निकालकर दिखाएं। सरकार शैक्षणिक संस्थानों और नौकरियों में आरक्षण संबंधी उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो समुदाय के सदस्य भारत जोड़ो यात्रा को राज्य में प्रवेश नहीं करने देंगे। सूत्रों की मानें तो गुर्जर संगठन की चेतावनी के बाद राहुल गांधी की यात्रा का विरोध करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।












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