OPINION: राजस्थान में अशोक गहलोत क्यों माने जाते हैं 36 कौम के नेता, जानिए धर्म-कर्म को लेकर सीएम की जादूगरी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश में 36 ही कौम के नेता मानें जाते हैं। सीएम गहलोत की सरकार राजस्थान में धार्मिक विकास और धार्मिक स्थलों के उत्थान के लिए सतत प्रयासरत है। प्रदेश में हिन्दू धर्म के साथ ही अन्य सभी धर्मों की मान्यताओं और परम्पराओं के निर्वहन के साथ संरक्षण किया जाता है।गहलोत सरकार इन दिनों प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों के चहुंमुखी विकास के लिए कोशिश कर रही है। वहीं विभिन्न मेलों और यात्राओं के जरिए आमजन को संस्कृति से जोड़ने की कवायद कर रही है। इसके साथ ही गहलोत सरकार बुजुर्गों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना जैसी योजनाएं भी संचालित कर रही है। हाल ही में मुख्मयमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए गांधी नगर रेलवे स्टेशन से कटरा मां वैष्णो देवी यात्रा के लिए जाने वाले दूदू के श्रद्धालुओं को संबोधित किया। इस अवसर पर सीएम गहलोत ने धार्मिक यात्रा को हमारे संस्कार और संस्कृति में बताते हुए कहा है कि इनसे दर्शनों के साथ श्रद्धालुओं में आपसी समन्वय, सहयोग और सद्भावना बढ़ती है।
क्या है गहलोत सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा 2023 के तहत राजस्थान सरकार द्वारा 60 वर्ष से अधिक राज्य के सभी वरिष्ठ नागरिकों को हवाई जहाज और ट्रेनों के द्वारा धार्मिक स्थलों की फ्री में यात्रा कराई जाती है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा ट्रेन से यात्रा करने के लिए प्रति व्यक्ति 3000 रुपए का खर्चा उठाया जा रहा है। इसके साथ ही यदि सरकार द्वारा हवाई जहाज के माध्यम से यात्रा कराई जाती है तो उसके लिए प्रति व्यक्ति 7000 रुपए का खर्चा आता है। राज्य सरकार द्वारा लाभार्थी को ट्रेनों के माध्यम से जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम, द्वारका पुरी, तिरुपति और वैष्णो देवी आदि पवित्र तीर्थ स्थलों का भ्रमण कराया जाता है। इसके साथ ही हवाई जहाज द्वारा 17 अन्य पवित्र तीर्थ स्थलों का भ्रमण कराया जाता है। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का उद्देश्य राज्य के बुजुर्ग व्यक्तियों को जिनकी उम्र 60 साल हो गई है। उन्हें बिल्कुल फ्री में देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों जैसे वैष्णो देवी, रामेश्वरम ,जगन्नाथ पुरी आदि का भ्रमण कराना है। जिससे बुजुर्ग व्यक्तियों को भगवान का भजन करने एवं सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हो सके।

श्रावण मास में शिवालयों में रुद्राभिषेक
राजस्थान में गहलोत सरकार श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को रुद्राभिषेक करा रही है। सरकार द्वारा देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले शिवालयों और प्रदेश के अन्य सभी प्रमुख शिव मंदिरों में भी विभाग की ओर से रुद्राभिषेक करवाया जा रहा है। देवस्थान विभाग मंत्री शकुंतला रावत के मुताबिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप प्रदेश में विभाग के शिव मंदिरों में श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि सूची बनाकर मंदिरों में यह अनुष्ठान शुरू करवा दिया गया है। देवस्थान विभाग मंत्री के अनुसार जयपुर के चांदनी चौक स्थित मंदिर प्रतापेश्वर, रामेश्वर आमेर, मंदिर प्रतापेश्वर चांदनी चौक, मंदिर रामेश्वर पुराना घाट, मंदिर चंद्रेश्वर सिरहड्योढी बाजार में रुद्राभिषेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं मंत्री रावत ने बताया कि श्रावण मास में आने वाले अधिक मास के महत्व को ध्यान में रखते हुए 12 अगस्त को कमला एकादशी पर भगवान विष्णु के मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना होगी। इस अवसर पर भगवान विष्णु मंदिरों में विष्णु सहस्त्रनाम, गोपाल सहस्त्रनाम, पुरुष सूक्त, श्री सूक्त, एवं कनकधारा पाठ के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत बताती हैं कि सीएम गहलोत की मंशा के अनुसार विभाग द्वारा प्रदेश के धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।
काशी विश्वनाथ और महाकाल की तर्ज पर बनेगा गोविंददेव जी कॉरिडोर
राजस्थान के जयपुर में गोविंददेव जी शहर के आराध्य देव माने जाते हैं. हाल ही में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के गोविन्द देव जी मंदिर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20.30 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। इसी के साथ सीएम गहलोत ने बीकानेर के राजरतन बिहारी मंदिर में भी जीर्णोद्धार एवं सुविधाओं के लिए भी मंजूरी दी है। इसमें 3.62 करोड़ रुपए की लागत आएगी। दोनों ही जगह राशि पर्यटन विकास कोष से खर्च की जाएगी। सीएम गहलोत के इस फैसले से इन मंदिरों का सौन्दर्यीकरण, मंदिर मार्गों एवं जन सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। साथ ही श्रद्धालुओं को भी दर्शन में सहूलियत होगी। आपको बता दें सीएम गहलोत ने बजट में 100 करोड़ रुपए की लागत से गोविंद देव जी मंदिर परिसर में भव्य कॉरिडोर व अन्य विकास कार्य कराए जाने की घोषणा की थी। यह कॉरिडोर काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर बनेगा। इससे धार्मिक स्थल का सौंदर्यीकरण बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ेगी।
प्रदेश के लक्खी मेलों के गहलोत सरकार की योजना
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में भरे जाने वाले लक्खी मेलों में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को रोडवेज की बसों के किराए में छूट का एलान किया है। प्रदेश में 4 लक्खी मेलो में संचालित होने वाली स्पेशल बसों में सफर करने वाले यात्रियों को किराए में 30 फीसदी की छूट दी जाती है। इस छूट को बढ़ाकर अब 50 फीसदी कर दिया है। इसमें कैलादेवी मेला (करौली), झील का बाड़ा (भरतपुर), रामदेवरा (जोधपुर) और पुष्कर मेला (अजमेर) शामिल है। इनके अलावा अब डिग्गी कल्याण (टोंक), भृतहरि पांडुपोल (अलवर), रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेश (सवाई माधोपुर), सालासर बालाजी (चूरू), खाटू श्याम (सीकर), गोगामेड़ी (हनुमानगढ़), फाल्गुन (मुकाम) बीकानेर, बुड्ढा जोहड़ गुरूद्वारा (श्रीगंगानगर) के लिए भी छूट दी जाएगी। गहलोत सरकार प्रदेश में धार्मिक सहूलियत बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी के साथ ही राज्य सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों का चहुंमुखी विकास और पर्यटन बढ़ाने की भी कोशिश जारी है।
देखिए राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की पूरी सूची
https://hindi.oneindia.com/list-of-chief-ministers-of-rajasthan/












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