Neha Chhipa RAS : राजस्‍थान की वो SDM जो रात को बजरी माफिया का साथ देने वाले SHO से भिड़ गईं

भीलवाड़ा, 3 अगस्‍त। ये हैं नेहा छीपा। राजस्‍थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की अफसर हैं। अचानक सुर्खियों में आई हैं। ये इस वक्‍त एसडीएम की कुर्सी पर काबिज हैं। प्रशिक्षण अवधि में ही इन्‍होंने भ्रष्‍ट सिस्‍टम पर जोरदार चोट की है। बजरी माफिया का साथ देने वाले एसएचओ से भिड़ गईं हैं। उसे लाइन हाजिर करवा दिया। पूरा मामला राजस्‍थान के भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ उपखंड का है।

SDM नेहा छीपा व बीगोद SHO ठाकराराम साऊ में तकरार

SDM नेहा छीपा व बीगोद SHO ठाकराराम साऊ में तकरार

दरअसल, आरएएस अधिकारी नेहा छीपा मांडलगढ़ में ट्रेनी एसडीएम के पद पर सेवाएं दे रही हैं। इनकी भीलवाड़ा जिले के ही बीगोद थानाधिकारी ठाकराराम साऊ से तकरार हो गई है। वजह बना है बजरी का अवैध परिवहन। पुलिस थाने के सामने से गुजरे बजरी से भरे डम्‍पर के खिलाफ एसएचओ ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

बैठक से वापस मांडलगढ़ लौट रही थीं एसडीएम

बैठक से वापस मांडलगढ़ लौट रही थीं एसडीएम

हुआ यूं कि सोमवार को भीलवाड़ा कलक्‍ट्रेट में राजस्‍व मिनिस्‍टर रामलाल जाट ने बैठक ली थी, जिसमें मांडलगढ़ एसडीएम आरएएस नेहा छीपा भी मौजूद थीं। बैठक के बाद रात करीब 8.30 बजे नेहा छीपा मांडलगढ़ लौट रही थीं। रास्‍ते में इन्‍हें बजरी से भरा डम्‍पर दिखाई दिया। इन्‍होंने उसका पीछा किया। कुछ देर बाद बीगोद पुलिस थाना आ गया। थाने के बाहर एसएचओ ठाकराराम साऊ ने नाकाबंदी कर रखी थी। आरएएस नेहा छीपा को लगा अवैध रूप से बजरी का परिवहन कर रहे डम्‍पर को नाकाबंदी के दौरान बीगोद पुलिस ने जरूर रोका होगा और कार्रवाई भी की होगी।

 बीगोद पुलिस थाने के सामने थी नाकाबंदी

बीगोद पुलिस थाने के सामने थी नाकाबंदी

मांडलगढ़ एसडीएम नेहा छीपा ने गाड़ी रोकी और एसएचओ ठाकराराम साऊ से बजरी से भरे डम्‍पर के बारे में पूछताछ की। उन्‍होंने सवाल उठाया कि पुलिस ने थाने के सामने से गुजर रहे अवैध बजरी से भरे डम्‍पर को बिना कार्रवाई कैसे छोड़ दिया? इस पर गुस्‍साए एसएचओ साऊ ने जवाब दिया कि उन्‍होंने डम्‍पर को आते देखा ही नहीं तो कार्रवाई कैसी?

बीगोद पुलिस थाने में पहुंच गई मांडलगढ़ एसडीएम

बीगोद पुलिस थाने में पहुंच गई मांडलगढ़ एसडीएम

इस पर एसडीएम नेहा छीपा अपने चालक और गार्ड को साथ लेकर बीगोद पुलिस थाने के अंदर पहुंच गईं। वे मोबाइल से पुलिस थाने के हवालात का वीडियो बनाने लगीं। थाने का रोजनामचा और अन्‍य व्‍यवस्‍थाओं का जायजा लेनी लगीं। हवालात में बंद लोगों से बात कर उनके हाल जानने लगीं। इस पर गुस्‍साए थानाधिकारी ठाकराराम साऊ ने विरोध जताया और उनको मोबाइल बंद करवा दिया। इसके बाद दोनों के बीच तीखी तकरार हुई।

भीलवाड़ा एसपी ने एसएचओ को लाइन हाजिर किया

भीलवाड़ा एसपी ने एसएचओ को लाइन हाजिर किया

विवाद बढ़ा तो भीलवाड़ा सदर डीएसपी रामचंद्र चौधरी भी बीगोद पुलिस थाना पहुंचे। उन्‍होंने एसडीएम और एसएचओ के बीच सुलह करवाने का प्रयास किया, मगर एसडीएम एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई पर अड़ गईं। इस पर भीलवाड़ा एसपी आदर्श सिद्धू ने एसएचओ ठाकराराम को लाइन हाजिर कर दिया।

बेगू चित्‍तौड़गढ़ की रहने वाली हैं एसडीएम नेहा छीपा

बेगू चित्‍तौड़गढ़ की रहने वाली हैं एसडीएम नेहा छीपा

बता दें कि नेहा छीपा मूलरूप से चित्‍तौड़गढ़ जिले के बेगू की रहने वाली हैं। इन्‍होंने आरएएस 2018 की परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल की थी। नेहा बचपन से प्रतिभाशाली रही हैं। दसवीं में 93 प्रतिशत व 12वीं में 80 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। बीएससी करने के बाद नेहा अपने पहले ही प्रयास में आरएएस अफसर बन गईं। वो भी बिना कोचिंग के।

नेहा छीपा की आरपीएससी जर्नी

नेहा छीपा की आरपीएससी जर्नी

मीडिया से बातचीत में नेहा छीपा ने अपनी आरपीएससी जर्नी के बताते हुए कहा कि स्‍नातक करने के बाद उन्‍हें जॉब की जरूरत थी। एसएससी स्‍टेनोग्राफर का फार्म भरा और तैयारी करने लगीं। इसी दौरान आरपीएससी की भी तैयारी शुरू कर दी थी। आरपीएससी प्री पास करने के बाद मुख्‍य परीक्षा की तैयारी के लिए भाटी आश्रम जोधपुर चली गईं। फिर कॉलेज प्रोफेसर की मदद से साक्षात्‍कार की तैयारी की।

आरएएस नेहा छीपा का परिवार

आरएएस नेहा छीपा का परिवार

नेहा छीपा की सक्‍सेस में उनके परिवार का काफी योगदान रहा। इन्‍हें पढ़ने के लिए ननिहाल भीलवाड़ा भेज दिया गया था। फिर अकाउंटेंट पिता सुरेश कुमार ने नेहा की बेहतर पढ़ाई के लिए अपना घर छोड़कर भीलवाड़ा में ही किराए का मकान ले लिया, जहां वे नेहा की दो बहनों व भाई व माता के साथ रहने लगे। आरएएस 2018 में पहली बार प्री का एग्जाम देने के दौरान नेहा का कटऑफ में नंबर नहीं आया। लेकिन उस परिणाम का फिर संशोधन हुआ और नेहा का कटऑफ में नंबर आ गया।

रवन्‍ना पर्ची तक नहीं देखी एसएचओ ने

रवन्‍ना पर्ची तक नहीं देखी एसएचओ ने

वन इंडिया हिंदी से बातचीत में मांडलगढ़ एसडीएम नेहा छीपा ने बताया कि बजरी से भरा डम्‍पर उनकी गाड़ी के आगे ही पुलिस नाकाबंदी को पार करके गुजरा था। जहां से बजरी भरी जाती है वहां से रवन्‍ना पर्ची कटती है, जिसमें लिखा होता है कि वाहन में कितनी बजरी है। फिर उसको धर्मकाटा तौला जाता है। पर्ची नहीं होने या उसकी जांच नहीं किए जाने का मतलब बजरी का अवैध खनन होता है।

 रात 12 बजे तक नहीं दिखाया रोजनामचा

रात 12 बजे तक नहीं दिखाया रोजनामचा

एसडीएम छीपा कहती हैं कि मैंने सिर्फ एसएचओ से इतना पूछा था कि उन्‍होंने डम्‍पर की पर्ची की जांच की या नहीं? इतनी सी बात पर एसएचओ ठाकराराम ने बदतमीजी की। यहीं नहीं बल्कि यह तक कह दिया कि उन्‍होंने कोई डम्‍पर जाते देखा ही नहीं जबकि वो मेरी आंखों के सामने से गुजरा था। फिर पुलिस थाने के अंदर पहुंची तो रात 12 बजे रोजनामचा तक नहीं दिखाया। एक बच्‍चे को पांच दिन से थाने में बैठा रखा था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+