राजस्थान के उदयपुर में चिकित्सा महकमें की लापरवाही, 4 साल के मासूम को सर्दी जुकाम में दी मिर्गी की दवा
जयपुर, 2 अगस्त। राजस्थान के उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय में 4 साल के बच्चे को सर्दी जुकाम में मिर्गी की दवा देने का मामला सामने आया है। बच्चे की मां ने चिकित्सालय के निशुल्क दवा केंद्र पर गलत दवा देने का आरोप लगाया है। बच्चे को दिखाने के लिए उसके पिता महाराणा भूपाल चिकित्सालय में पहुंचे थे। यहां डॉक्टर ने उसे जांच के बाद दवा लिख कर दी। बच्चे की मां जब निशुल्क दवा केंद्र पर डॉक्टर द्वारा लिखी दवा लेने पहुंची। दवा केंद्र वालों ने पर्ची पर डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा की जगह मिर्गी की दवा दे दी। मरीज के परिजनों ने जब दवा का नाम ऑनलाइन सर्च किया। तब इस बात का खुलासा हुआ।

दवा लेने के बाद दिनभर सोता रहा मासूम
इस मामले में मासूम की निखत पठान ने बताया कि उसके 4 साल के बच्चे को सर्दी जुकाम के कारण सांस लेने में परेशानी हो रही थी। पिछले तीन-चार दिनों से सर्दी जुकाम ठीक नहीं होने के कारण 29 जुलाई को वे उसे एमबी अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टर ने बच्चे को देखकर पर्ची पर दवा लिख दी। उन्होंने बताया कि दवाइयों में सिर्फ भी थी। जिसे पिलाने के बाद बच्चा दिन भर सोता रहा और बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद जब बच्चे की मां ने दवाइयों के नाम नेट पर सर्च किए तो उस सीरप का इस्तेमाल मिर्गी के मरीजों के लिए किया जाना था। बच्चे की मां ने पर्ची पर लिखी दवाइयों और सीरप के नाम का मिलान किया तो यह पर्ची पर लिखी हुई सिरप नहीं थी। उसे समझ आ गया कि निशुल्क दवा केंद्र पर उसे गलत दवा दे दी गई है। इस मामले में सफाई देते हुए अस्पताल अधीक्षक आर एल सुमन ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और इसकी जांच की जा रही है।













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