Naresh Meena Congress: सचिन पायलट के करीबी नेता नरेश मीना को कांग्रेस ने किया माफ, जानिए गुनाह क्या था?
Naresh Meena Congress Dausa Rajasthan: राजस्थान की राजनीति में नरेश मीणा फिर सुर्खियों में आ गए हैं। सचिन पायलट के करीबी नेता नरेश मीणा को कांग्रेस ने माफ किया है। मीणा सचिन पायलट के गढ़ रहे दौसा से टिकट मांग रहे हैं।
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में राजस्थान में कांग्रेस-भाजपा उम्मीदवारों की नई सूची जारी होने से पहले दल-बदल का सिलसिला जारी है। भाजपा नेता प्रह्लाद गुंजल (Prahlad Gunjal) ने भी कांग्रेस ज्वाइन कर ली है। इनके साथ ही नरेश मीणा की भी कांग्रेस में वापसी हो गई है।

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राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय जयपुर में पीसीसी चीफ गोविंद्र सिंह डोटासरा, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व मंत्री अशोक चांदना व धीरज गुर्जर समेत कई नेताओं की मौजूदगी में प्रह्लाद गुंजल को कांग्रेस ज्वाइन करवाई गई है।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि प्रह्लाद गुंजल के अलावा सुनील परिहार, नरेश मीणा व फतेह मोहम्मद की भी पार्टी में वापसी हुई है। ये तीनों वो नेता हैं, जो लंबे समय से पार्टी में रहे हैं। बगावत करके चुनाव लड़ा था। इसलिए इन्हें निलंबित कर दिया गया था।
नरेश मीणा समेत इन नेताओं ने कांग्रेस पार्टी में वापसी की गुहार लगाई थी, जिस पर कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना व सदस्यों ने इनका प्रस्ताव बनाकर आलाकमान को भिजवाया। आलाकमान की मंजूरी मिलने के बाद पार्टी ने इनके निष्कासन को वापस ले कर इन्हें पार्टी में शामिल कर लिया।

विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में भी करेंगे बगावत?
सचिन पायलट के करीबी नेताओं में से नरेश मीणा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में बारां जिले की छबड़ा-छीपाबड़ौद से कांग्रेस की टिकट मांगा था। टिकट नहीं मिलने पर बगावत करके निर्दलीय चुनाव लड़ा, जिसकी वजह से इन्हें पार्टी से निष्कसित कर दिया गया था। विधानसभा चुनाव 43 हजार 921 वोटों से हार गए थे।
अब नरेश मीना कांग्रेस में वापस आ गए और दौसा लोकसभा सीट से कांग्रेस का टिकट मांग रहे हैं। एलान कर चुके हैं कि दौसा से टिकट नहीं मिलने पर 27 मार्च 2024 को निर्दलीय नामांकन दाखिल कर देंगे। दौसा से मुराली लाल मीना व परसादी लाल मीना भी टिकट की दौड़ हैं।
देखने वाली बात यह होगी कि अब लोकसभा चुनाव 2024 में दौसा से टिकट नहीं मिलने पर नरेश मीना पहले की तरह बगावत करेंगे या इस बार पार्टी नेताओं की बात मानकर चुप रहेंगे।
नरेश मीना का जीवन परिचय
नरेश मीना मूलरूप से राजस्थान के बारां जिले की अटरू तहसील के नयागांव के रहने वाले हैं। इनके पिता कल्याण सिंह मीना 30 साल तक अपने गांव के सरपंच रहे हैं। वर्तमान में नरेश की मां सरपंच हैं। नरेश की पत्नी सुनीता भी राजनीति में सक्रिय हैं। सुनीता जिला परिषद सदस्य हैं। नरेश के भाई की पत्नी पंचायत समिति सदस्य हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय के महासचिव रह चुके नरेश मीना की दौसा में आदिवासी वोटरों पर भी पकड़ है।












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