वकील की बेटी नंदिनी शर्मा बिना कोचिंग के बनी सिविल जज, बचपन में पिता को खोने वाली वीणा ने भी सफल
जयपुर, 6 सितम्बर। राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा हाल ही जारी सिविल जज कैडर 2021 भर्ती परीक्षा के रिजल्ट के बाद कई सक्सेस स्टोरियां सामने आई हैं। उन्हीं में से एक है करौली की बेटी नंदिनी शर्मा की। इनका 29 वीं रैंक पर चयन हुआ है। करौली के एडवोकेट नवल किशोर शर्मा के परिवार में उनकी बेटी नंदिनी का सीधे सिविल जज बनना सबसे यादगार पल है। पिता बेटी को आरजेएस बनाना चाहते थे। यह ख्वाब अब पूरा हो गया है। नंदिनी ने बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर पढ़ाई कर सफलता हासिल की है।

बता दें कि नंदिनी शर्मा पढ़ाई में भी अव्वल रहती थी। नंदिनी ने राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। इन्होंने एलएलबी टॉप करके गोल्ड मेडल पाया। फिर भारत की सबसे प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बैंगलूर से एलएलएम किया और यहां भी टॉपर रहीं। यूजीसी नेट क्वालीफाई हुई और ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी सोनीपत में लेक्चरर नियुक्त हुईं।

इधर, उदयपुर की वीणा सुहालका का भी आरजेएस में चयन हुआ है। वीणा ने बचपन में ही अपने पिता को खो दिया था। पिता की मौत के बाद मां ने शहर में ही रहकर लोगों के घरों में जाकर गेहूं साफ करने के अलावा अन्य घरेलू कामकाज कर बेटी को पाला और पढ़ाकर काबिल बनाया।

मीडिया से बातचीत में वीणा ने बताया कि मां का सपना था कि बेटी जज बने। इसके लिए राजस्थान न्यायिक सेवा की तीन बार परीक्षा दी। अफसल रही, मगर हार नहीं मानी। चौथे प्रयास में वीणा जज बन गई। वीणा की शादी हो चुकी है। इनके एक बेटी है। वीणा वर्तमान में आबकारी विभाग में सहायक लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।












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