मकर संक्रांति पर राजस्थान वन विभाग ने पतंगबाजों को भेजा लव लैटर, आसमां पतंगों से हुआ तंग
Makar Sankranti Jaipur Rajasthan: आज 14 जनवरी 2025 को देशभर में मकर संक्रांति पर्व धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इन दिन दान-पुण्य पर जोर है। राजस्थान समेत कई राज्यों में पतंग भी खूब उड़ाई जा रही है। जयपुर का हाल तो यह है दिन उगते ही पूरा आसमां पतंगों से तंग हो गया। हर छत पर सिर्फ पतंगबाज ही दिख रहे पूरे शहर में वो काटा-वो मारा का शोर सुनाई दे रहा है। मकर संक्रांति पर पतंगबाजों को राजस्थान वन विभाग ने लव लैटर भेजा है।
Rajasthan Forest Department ने अपने इंस्टाग्राम पर तोते के साथ प्रेम पत्र की तस्वीर शेयर करते हुए उस पर पतंगबाजों के लिए मार्मिक संदेश लिखा है। राजस्थान वन विभाग का यह लव लैटर सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसका पहल का उद्देश्य मकर संक्रांति के दौरान पतंगों से पक्षियों को होने वाले खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

मकर संक्रांति के दौरान राजस्थान का आसमान पतंगों से सज जाता है। हालांकि, यह त्यौहार पक्षियों के लिए एक छिपे हुए खतरे के साथ आता है। पतंग की डोर में फंसने के बाद कई पक्षी घायल हो जाते हैं या अपनी जान गंवा देते हैं। शाम तक, कई घायल पक्षी अस्पतालों में पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें होती हैं जिससे वे उड़ नहीं पाते।
राजनीति ही नहीं पतंगबाजी के भी खिलाड़ी निकले Amit Shah, मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का Video Viral

मकर संक्रांति 2025 पर राजस्थान वन विभाग की अनूठी पहल
विभाग के रचनात्मक दृष्टिकोण में इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा करना शामिल है जिसमें मिट्ठू नामक पक्षी अपनी चोंच में एक पत्र पकड़े हुए है। संदेश में लिखा है: "क्या आपने कभी अपने गले में रस्सी बांधकर पतंग उड़ाने की कोशिश की है? नहीं? हम भी ऐसा नहीं करना चाहते।" यह पतंग उड़ाने वालों से इन मूक प्राणियों की सुरक्षा पर विचार करने और जिम्मेदारी से पतंग उड़ाने का आग्रह करता है।
वन विभाग द्वारा शुरू की गई इस अनूठी मुहिम ने लोगों को बहुत प्रभावित किया है। इस मार्मिक संदेश और मिट्ठू की छवि ने कई लोगों के मन में विचार उत्पन्न किए हैं। उम्मीद है कि यह पहल पतंग प्रेमियों को पक्षियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी और त्योहार के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाएगी।
मकर संक्रांति 2025 पर पतंगबाजों को प्रेम पत्र में क्या लिखा?
वन विभाग की यह हार्दिक अपील इसलिए खास है क्योंकि यह एक बार-बार उठने वाले मुद्दे को रचनात्मक तरीके से संबोधित करती है। मिट्ठू की तस्वीर और उसके साथ दिए गए संदेश के माध्यम से पक्षियों की दुर्दशा को उजागर करके, उनका उद्देश्य पतंग उड़ाने वालों के बीच सहानुभूति और कार्रवाई को बढ़ावा देना है। इस प्रयास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर कोई बिना किसी नुकसान के खुले आसमान का आनंद ले सके।
जैसे-जैसे यह पहल लोकप्रिय होती जाएगी, उम्मीद है कि अधिक से अधिक लोग पतंग उड़ाने से पक्षियों को होने वाले खतरों के बारे में जागरूक होंगे। वन विभाग की इस अनूठी पद्धति से त्योहारों के दौरान इन बेजुबान जीवों की सुरक्षा के लिए अधिक प्रयास किए जा सकेंगे।
यह विचारशील अभियान सांस्कृतिक उत्सवों के दौरान वन्यजीव सुरक्षा पर विचार करने के महत्व को रेखांकित करता है। रचनात्मक माध्यमों से जागरूकता फैलाकर, राजस्थान वन विभाग परिवर्तन को प्रेरित करने और संकटग्रस्त पक्षी आबादी की रक्षा करने की उम्मीद करता है।












Click it and Unblock the Notifications