कुलदीप रांका : कोविड-19 संक्रमित वो IAS जिन्होंने घर पर इन 8 तरीकों से दी कोरोना को मात
जयपुर, 14 अप्रैल। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। आमजन के साथ-साथ नेता और अधिकारी भी कोविड-19 से संक्रमित होने से खुद को बचा नहीं पा रहे हैं। कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अस्पतालों में समय पर ऑक्सीजन, इंजेक्शन व बेड तक नसीब नहीं हो रहे हैं।

आईएएस कुलदीप रांका, प्रमुख सचिव सीएम राजस्थान
कोरोना संकट का दूसरा पहलू यह भी है कि इंसान ठान लें और अस्पताल जाना बहुत जरूरी नहीं हो तब घर पर रहकर भी कोरोना को मात दे सकता है। इस बात का ताजा उदाहरण राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी कुलदीप रांका हैं, जो इन दिनों मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव पद पर सेवाएं दे रहे हैं।हैं।

आयुष विभाग की बैठक में शेयर किए अनुभव
पिछले दिनों आईएएस कुलदीप रांका और उनकी पत्नी कोरोना संक्रमित हो गए थे। अब पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। वीसी के जरिए हुई आयुष विभाग की बैठक में कुलदीप रांका ने अपने अनुभव शेयर कर बताया कि किस तरह से उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा, योग व आहार से कोरोना वायरस को मात दी।

आईएएस कुलदीप रांका का तरीका नंबर एक
बैठक में सीएम की मौजूदगी में अपना अनुभव शेयर करते कुलदीप रांका ने बताया कि उन्हें प्राकृतिक चिकित्सा व योग में काफी विश्वास रहा है। कोरोना की जांच करवाने के बाद एलोपैथिक दवाइयों की बजाय प्राकृतिक चिकित्सा से खुद को ठीक करने का प्रयास किया। प्राणायाम कुंजल क्रिया पर जोर दिया। कुंजल क्रिया में नींबू रस के गुनगुने पानी के छह सात गिलास पानी पीकर उन्हें उल्टी के जरिए वापस निकालना होता है। इससे नाक के छिद्र और गला साफ हो जाता है। कुंजल क्रिया सुबह खाली पेट एक बार करते थे।

आईएएस कुलदीप रांका का तरीका नंबर दो
कुलदीप रांका कहते हैं कि कोरोना नाक, गला और फेफड़ों पर अपना असर दिखाता है। कुंजल क्रिया के बाद जलनीति क्रिया की, जिसमें नाक के एक छिद्र से नमक मिला हुआ गुनगुना पानी डालकर नाक के दूसरे छिद्र से पानी निकाला। यह क्रिया चौदह दिन तक रोजाना दिन में चार बार की।

आईएएस कुलदीप रांका का तरीका नंबर तीन
कोरोना को मात देने के लिए आईएएस कुलदीप रांका का तीसरा तरीका था प्राणायाम। रांका कहते हैं कि प्राणायाम के जरिए गले, नाक या फेफड़ों में घुसे वायरस से निजात पाई जा सकती है। रांका को 16 अप्रैल को बुखार आया था, जो 19 तक रहा। प्राणायाम से अब वे पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।

आईएएस कुलदीप रांका का तरीका नंबर चार
कोरोना संक्रमित होने के बाद आईएएस कुलदीप रांका ने चौथा तरीका यह अपनाया कि अपना आहार बदल दिया। राजस्थान की वनस्पति कैर को हल्का सा उबालकर उसमें नींबू मिलाकर दिन में तीन से चार बार खाया। इस आहार ने बुखार को तोड़ने में मदद की।

आईएएस कुलदीप रांका का तरीका नंबर पांच
कोरोना को हराने के लिए आईएएस कुलदीप रांका हर वो तरीका अपनाया जिसकी उन्हें जानकारी थी। पांचवें तरीके रूप में रांका ने घी को हल्का सा गर्म करके नाक में लगाया, जिससे वहां जमा कफ साफ हो गया तो सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं हुई।

आईएएस कुलदीप रांका का तरीका नंबर छह
आईएएस कुलदीप रांका का छठा तरीका यह था कि नींबू को दो हिस्सों में काटकर नमक व काली मिर्च लगाकर उसे हल्का सा गर्म करके लिया, जिससे गले का कफ साफ हो गया। नींबू का यह रस हर बार खाने के बाद लिया।

आईएएस कुलदीप रांका का तरीका नंबर सात
गले में जमा कफ को दूर करने के लिए आईएएस कुलदीप रांका ने खूब घरेलू नुस्खे अपनाए। सातवें तरीके के रूप में फिटकरी का फूला लिया। रांका कहते हैं कि फिटकरी के फूले को खाने से गले में जमा सारा कफ दो-तीन दिन में साफ हो जाता है।

आईएएस कुलदीप रांका का तरीका नंबर आठ
कोरोना वायरस को मात देने के लिए आईएएस कुलदीप रांका ने हल्दी और अदरक का भी इस्तेमाल किया। रांका कहते हैं कि मैं और पत्नी कोरोना पॉजिटिव थे, मगर उपरोक्त तरीकों के अलावा हल्दी-अदरक भी खाई, जो कोरोना को मात देने में मददगार साबित हुए।

आईएएस कुलदीप रांका की जीवनी
बता दें कि आईएएस अधिकारी कुलदीप रांका राजस्थान के काबिल अफसरों में से एक हैं। ये मूलरूप से राजस्थान के जोधपुर के सरदारपुरा (सीएम अशोक गहलोत का निर्वाचन क्षेत्र) के रहने वाले हैं। साल 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने वाले रांका जयपुर के जिला कलेक्टर भी रह चुके हैं।












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