जयपुर : ASI राधेश्याम यादव एक लाख की घूस लेते दलाल के साथ ट्रैप, 14 साल पहले मिला गैलेंट्री प्रमोशन
जयपुर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम इन दिनों खासी एक्शन में है। आईपीएस मनीष अग्रवाल, आईएएस इंद्रसिंह राव, आरएएस पिंकी मीणा, पुष्पेन्द्र मित्तल समेत कई बड़े अधिकारियों को घूस के मामले में पकड़ चुकी है। अब राजस्थान एसीबी के शिकंजे में एएसआई राधेश्याम आया है। जयपुर कमिश्नरेट में कार्रवाई करते हुए एसीबी ने राधेश्याम यादव व दलाल मधुसूदन को एक लाख की घूस लेते पकड़ा है।

घूस में मांग रहा था पांच लाख रुपए
एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि परिवादी ने शिकायत देकर बताया था कि जयपुर के विद्याधन नगर पुलिस थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। एएसआई राधेश्याम यादव उसका एफआईआर में से नाम हटाने की एवज में पांच लाख रुपए मांग रहा था।

बहुत शातिर निकला आरोपी एएसआई राधेश्याम
बाद में सौदा एक लाख रुपए में तय हुआ। आरोपी एएसआई राधेश्याम यादव इतना शातिर है कि वह परिवादी से रिश्वत की राशि लेने के लिए पांच दिन से चक्कर कटवा रहा था। कभी मॉर्निंग वॉक पर बुला रहा था तो कभी शाम को। गुरुवार को उसे पुलिस थाने बुलाया और एक घंटे तक बैठाए रखा। फिर तीन बार खुद बाहर जाकर देखकर आया कि कहीं एसीबी टीम तो साथ लेकर नहीं आया ना।

फोन करके दलाल को बुलाया
हालांकि एसीबी टीम पुलिस थाने से काफी दूर खड़ी थी। फिर एएसआई राधेश्याम ने दलाल मधुसूदन को फोन करके बुलाया। मधुसूदन पुलिस थाने के बाहर अपनी गाड़ी में बैठा रहा। वहीं पर एएसआई के कहने पर परिवादी से दलाल मधुसूदन ने एक लाख रुपए घूस के लिए। इशारा पाकर एसीबी टीम मौके पर पहुंची और दलाल व एएसआई को पकड़ लिया।

हत्या के खुलासे के बाद मिला प्रमोशन
बता दें कि साल 2003 में जयपुर स्थित सीकर हाउस में एक दंपती की हत्या हो गई थी। तब आरोपी एएसआई राधेश्याम यादव शास्त्रीनगर पुलिस थाने में तैनात था। दंपती की हत्या का यह मामला काफी पेचिदा था, मगर राधेश्याम ने अपनी सूझबूझ से इसका खुलासा कर दिया था। जिस पर पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2007 में राधेश्याम को गेलेंट्री प्रमोशन देकर हैड कांस्टेबल से एएसआई बनाया था।












Click it and Unblock the Notifications