Jaipur bomb blast case: कौन हैं वरिष्ठ अधिवक्ता शिव मंगल शर्मा, जो अब करेंगे पैरवी
Jaipur bomb blast case: राजस्थान की राजधानी जयपुर बम ब्लास्ट केस 2008 में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। अब राजस्थान सरकार की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता शिव मंगल शर्मा करेंगे।
साल 2008 में सिलसिलेवार बम धमाकों से जयपुर दहल गया था। मामले में आज सुनवाई है। अब सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग अपील और एसएलपी में पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता शिव मंगल करेंगे।

राजस्थान सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल कलराज मिश्र ने वरिष्ठ अधिवक्ता शिव मंगल शर्मा को विशेष अभियोजक नियुक्त किया है। ये पांच साल तक अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे हैं।
बता दें कि कोर्ट ने जयपुर के माणक चौक खंडा, चांदपोल गेट, बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया गेट, जौहरी बाजार और सांगानेरी गेट में हुए बम धमाकों के चार आरोपी मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सलमान, सैफुर्रहमान और मोहम्मद सरवर आज़मी की फांसी रद्द कर दी थी।
राजस्थान सरकार ने जयपुर बम ब्लास्ट केस में चारों आरोपियों की फांसी की सजा रद्द करने उच्च न्यायालय फैसले को चैलेंज किया है। पैरवी की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिवक्ता शिव मंगल शर्मा को दी है, जो इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण मामलों में राजस्थान की पैरवी कर चुके हैं।
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बता दें कि 13 मई 2008 को जयपुर के परकोटा में हुए बम धमाकों में 71 लोग मारे गए थे। 185 घायल हो गए थे। पूरा जयपुर दहल गया था। फिर दिसंबर 2019 में जयपुर की विशेष अदालत ने चारों आरापियों को मौत की सजा सुनाई थी।
मौत की सजा के आदेश के खिलाफ आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में अपील की गई, जिसमें हाईकोर्ट ने फांसी के लिए राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए डेथ रेफरेंस को खारिज करते हुए चारों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि सु्प्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार की याचिका पर 8 नवंबर 2023 में सुनवाई करते हुए उसे 'अनसुनी' करार दिया था। कोर्ट ने कहा था कि यह देखने की जरूरत है कि क्या निर्णय 'गलत' और 'विकृत' था।












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