Sammed Shikhar : श्री सम्मेद शिखर जी को Tourist Spot बनाने पर राजस्थान में सड़कों पर उतरा Jain samaj
Shri Sammed Shikharji Giridih Jharkhand : जैन समाज के सबसे बड़े तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल बनाने के विरोध में 25 दिसम्बर को जयपुर में भी प्रदर्शन प्रस्तावित है।

झारखंड के गिरिडीह जिले में छोटा नागपुर पठार की पहाड़ पर स्थित जैन तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल बनाए जाने पर देशभर में जैन समाज में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। राजस्थान में जैन समाज सड़कों पर उतर आया है। प्रदेश के कोटा, सिरोही, नागौर, झालावाड़ और टोंक आदि शहर में रैली निकाली गई। 25 दिसम्बर को जयपुर में भी जैन समाज क रैली प्रस्तावित है।

जैन तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखर जी
जैन तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल बनाए जाने के विरोध में राजस्थान में बीते तीन से प्रदर्शन हो रही है। जयपुर व अजमेर में दुकानें बंद रखकर विरोध जताया गया। जगह जगह रैली भी निकाली जा रही हैं। रैली में जैन समाज के महिला-पुरुषों समेत स्कूल कॉलेज के बच्चों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

जैन समाज विरोध कर रहा
बता दें कि 2 अगस्त 2019 को तत्कालीन झारखंड सरकार ने केंद्रीय वन मंत्रालय से झारखंड में जैन तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखर जी (पारसनाथ पर्वतराज) को पर्यावरण पर्यटन व अन्य गैर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति मांगी थी। इसको लेकर मंत्रालय ने बिना जैन समाज की आपत्ति या सुझाव से अनुमति देने वाली अधिसूचना जारी कर दी। जिसका जैन समाज विरोध कर रहा है।

जैन समाज में आक्रोश
कोटा में विरोध प्रदर्शन में पूरा जैन समाज उमड़ा। जैन समाज की महिलाएं केसरिया साड़ी और पुरुष सफेद रंग के कुर्ता-पायजामा पहनकर पहुंचे। कोटा में कलेक्ट्रेट के बाहर सभा हुई, जिसमें जैन समाज के लोगों ने कहा कि झारखंड की पूर्व सरकार की अनुशंसा पर भारत सरकार द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के तहत सम्मेद शिखर तीर्थ को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की है। इससे जैन समाज में आक्रोश है।

सेवन वंडर से नयापुरा तक रैली निकाली
कोटा में सुबह समाज के लोगों ने सेवन वंडर से नयापुरा तक रैली निकाली। सम्मेद शिखर तीर्थ को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा वापस लेने की मांग की। करीब डेढ़ किमी लंबी रैली में बड़ी तादात में महिलाएं भी शामिल हुई। जो भजन गाते हुए ,हाथों में तख्तियां लेकर चल रही थी। बाद में कलेक्ट्रेट चौराहे पर सभा की। जहां मुनि शुद्धसागर ने संबोधित किया।

जैन धर्म के दिगंबर मत का प्रमुख तीर्थ
बता दें कि झारखंड के मधुबन में स्थित सम्मेद शिखर जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थानों में से एक है। जैन धर्म में इसे तीर्थों का राजा भी कहा जाता है। सम्मेद शिखर झारखंड के गिरिडीह जिले में मधुबन क्षेत्र में स्थित है। यह जैन धर्म के दिगंबर मत का प्रमुख तीर्थ है। इसे पारसनाथ पर्वत भी कहा जाता है।

20 तीर्थंकरों को यहां मोक्ष की प्राप्ति हुई
जैन धर्म शास्त्रों की मानें तो जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों को यहां मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसलिए यह सिद्धक्षेत्र भी कहते हैं। ये तीर्थ ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व रखता है। ये तीर्थ स्थान लगभग 9 किलोमीटर की परिधि में फैला है। जैन धर्म की मान्यता के अनुसार, सृष्टि के आरंभ से ही सम्मेद शिखर और अयोध्या, इन दो प्रमुख तीर्थों का अस्तित्व रहा है। इसलिए इन्हें अमर तीर्थ की संज्ञा दी गई है।












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