अशोक गहलोत के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तो राजस्थान में कैसी होगी कांग्रेस की परफॉर्मेंस, जानिए विस्तार से

जयपुर, 23 सितंबर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद देश में कांग्रेस पार्टी मजबूत होकर उभरेगी। राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक पद एक व्यक्ति के सिद्धांत के आधार पर मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो प्रदेश में मुख्यमंत्री बनाने का फैसला पार्टी के लिए बहुत अहम होगा। राजस्थान में कांग्रेस में इस अहम बदलाव के बाद निश्चित तौर अस्थिरता की स्थिति आएगी। प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति पहले भी बेहतर नहीं है। राहुल गांधी के सर्वे रिपोर्ट में भी कांग्रेस की स्थिति कमजोर है। कांग्रेस में गुटबाजी के चलते पार्टी दो धड़ों में बँटी हुई है। ऐसे में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की परफॉर्मेंस कैसी होगी यह देखने वाली बात होगी।

ashok gahlot

गुटबाजी से कांग्रेस को होगा नुकसान

गुटबाजी से कांग्रेस को होगा नुकसान

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2018 के बाद से ही कांग्रेस पार्टी के भीतर गुटबाजी चल रही है। प्रदेश में कांग्रेस अशोक गहलोत और पायलट के खेमे में बँटी हुई है। सचिन पायलट का मानना है कि उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस को जिताने के लिए जी तोड़ मेहनत की उन्हीं की मेहनत के बदौलत राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनी। कांग्रेस आलाकमान ने ऐन वक्त पर अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बना दिया। इसे लेकर पायलट की नाराजगी है। अशोक गहलोत का गुट और सचिन पायलट समर्थक मौका मिलते ही एक दूसरे पर निशाना साधते रहते हैं।

सरकार की कार्यशैली से विधायकों में असंतोष

सरकार की कार्यशैली से विधायकों में असंतोष

राजस्थान सरकार की कार्यशैली को लेकर विधायकों में असंतोष है। सरकार के मंत्रियों का रवैया विधायकों के साथ ठीक नहीं है। इसे लेकर कई बार विधायक मुख्यमंत्री को भी शिकायत कर चुके हैं। विधायकों का कहना है कि सरकार में उनके काम नहीं होते। ऐसे में वे चुनाव के दौरान जनता के बीच क्या संदेश लेकर जाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार विधायकों को संतुष्ट रखने का हर संभव प्रयास करते हैं।

राहुल गांधी के सर्वे रिपोर्ट में कांग्रेस की स्थिति कमजोर

राहुल गांधी के सर्वे रिपोर्ट में कांग्रेस की स्थिति कमजोर

राहुल गांधी ने पिछले दिनों राजस्थान में एक सर्वे कराया था। सर्वे रिपोर्ट में कांग्रेस की स्थिति कमजोर मानी जा रही है। ऐसे में पार्टी के सामने विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि पार्टी को कैसे मजबूत किया जा सके। इसके लिए कांग्रेस नेताओं को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। पार्टी को ऐसी रणनीति तैयार करनी पड़ेगी। जिससे जनता में सकारात्मक संदेश जा सके। अशोक गहलोत अगर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो राजस्थान में नेतृत्व को लेकर पार्टी का फैसला सबसे ज्यादा अहमियत रखेगा। कांग्रेस को बहुत सोच समझकर पार्टी के नेतृत्व के फैसले करने होंगे।

राजस्थान में कांग्रेस में बड़े फेरबदल के दिखेंगे असर

राजस्थान में कांग्रेस में बड़े फेरबदल के दिखेंगे असर

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राजस्थान में कांग्रेस में बड़े फेरबदल होंगे। इन फेरबदल के असर आने वाले विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट जिस तरीके से अपने अपने पक्ष में लॉबिंग कर रहे हैं। उससे यह स्पष्ट है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री को लेकर एक बार फिर विवाद बढ़ेगा। वही जाट समाज ने भी जाट मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठा दी है। ऐसे में इस फेरबदल का सीधा असर विधानसभा चुनाव में दिखेगा।

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