किसानों ने NH 48 पर रातों-रात बनाया शहीद स्मारक, आंदोलन में मारे गए हर किसान की स्मृति में लगाया कलश
अलवर। कृषि कानूनों के खिलाफ देश में 130 दिन से किसान आंदोलन जारी है। दिल्ली-एनसीआर में घुसने वाले रास्तों पर किसान धरना दिए बैठे हैं। ना सरकार कानून वापस ले रही और ना ही किसान अपनी मांगों से पीछे हट रहे हैं। सिंघू बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर व राजस्थान में शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसान सड़क पर डेरा डाले बैठे हैं।
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राजस्थान के अलवर जिले से गुजर रहे जयपुर-दिल्ली को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 48 पर आंदोलनकारी किसानों ने रातों-रात शहीद स्मारक बना दिया है। यह स्मारक किसान आंदोलन में जान गवाने वाले किसानों की स्मृति में बनाया गया है। इसमें देशभर से आई मिट्टी काम ली गई है। साथ ही आंदोलन में शहीद हुए प्रत्येक किसान की याद में एक-एक कलाश लगाया गया है।
खबर है कि किसानों ने हाईवे पर शहीद स्माकर का निर्माण अलवर प्रशासन की बिना अनुमति के किया है। हालांकि इस संबंध में दिन में किसान नेताओं ने अलवर जिला कलेक्टर को शहीद स्मारक बनाए जाने की जानकारी दी थी और कहा कि अनुमति लेकर स्मारक बनाएंगे, मगर फिर रात को स्मारक का निर्माण कर डाला।
बता दें कि शाहजहांपुर बॉर्डर पर स्वराज्य पार्टी के नेता योगेंद्र यादव, मेघा पाटेकर, पूनम पंडित सहित बड़ी संख्या में किसान आंदोलन से जुड़े नेता मौजूद रहे और उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। किसान नेताओं ने स्मारक बनाने के बाद कहा कि किसान आंदोलन पर सरकार से पूछ कर नहीं बैठे थे। हमने शहीद स्मारक बना दिया है। सरकार की हिम्मत हो तो शहीद स्मारक को हटा देगी।












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