राजस्थान सरकार की बेरुखी के चलते मध्यप्रदेश झपट ले गया चीता प्रोजेक्ट, प्रदेश की ऐसे बढ़ाते शोभा
जयपुर, 16 सितंबर। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बसने के लिए नामीबिया से भारत आ रहे चीते राजस्थान के जंगलों की शान बनने वाले थे। राजस्थान सरकार की बेरुखी के चलते चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो पालपुर नेशनल पार्क भेजा जा रहा है। राजस्थान सरकार इस मामले में रुचि दिखाती तो यह चीते प्रदेश के जंगलों की शोभा बढ़ाते।


वन विभाग की अरुचि के कारण एमपी गया प्रोजेक्ट
वन्य जीव विशेषज्ञों की माने तो राजस्थान सरकार के वन विभाग की अरुचि के कारण यह प्रोजेक्ट प्रदेश के हाथ से निकलकर मध्य प्रदेश को मिल गया। दो साल पहले नामीबिया के चीता फाउंडेशन के संस्थापक लॉरी मार्कर चीता प्रोजेक्ट को लेकर अपनी टीम के साथ जयपुर आई थी। उन्होंने इसके लिए वन्यजीव विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक भी की। मार्कर ने जैसलमेर के शाहगढ़ बल्ज और कोटा के मुकुंदरा के जंगल भी देखें। पहले चीतों को जैसलमेर और कोटा में बसाए जाने की योजना बनाई गई थी। मार्कर को मुकुंदरा के जंगल पसंद भी आए थे। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है।

राज्य वन्य जीव मंडल के सदस्यों ने उठाई मांग
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वन मंत्री हेमाराम चौधरी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री आवास पर मंगलवार रात हुई बैठक में राज्य वन्य जीव मंडल के सदस्यों ने मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में चीतों को बसाने की मांग उठाई थी। ऐसी मांग पहले भी कई बार उठाई जा चुकी है। लेकिन सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसका फायदा मध्य प्रदेश सरकार ने उठाया। लिहाजा राजस्थान आने वाली चीते मध्य प्रदेश पहुंच गए।

भारत ने भेजा चीते लाने के लिए विशेष विमान
नामीबिया से चीतों को लाने के लिए भारत ने एक विशेष बोइंग विमान 747-400 नामीबिया भेजा है। विमान पर साइबेरियन टाइगर की फोटो बनाई गई है। इसे स्पेशल फ्लैट नंबर 118 दिया गया है। इस विमान के जरिए चीजों को 17 सितंबर की सुबह मध्यप्रदेश के ग्वालियर लाया जाएगा। ग्वालियर से हेलीकॉप्टर के जरिए उसी दिन इन्हें कूनो पालपुर राष्ट्रीय उद्यान भेज दिया जाएगा।

जन्मदिवस पर पीएम मोदी छोड़ेंगे क्वारंटीन बाड़े में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन के मौके पर इन चीतों को देश को सौंपेंगे। कूनो नेशनल पार्क में पीएम मोदी इन चीतों को क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ेंगे। इस दौरान पीएम मोदी के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।

भारत आने वाले चीतों में दो सगे भाई शामिल
नामीबिया से भारत आने वाले आठ चीतों में दो सगे भाई भी शामिल है। इन चीतों में 3 नर और 5 मादा शामिल है। सभी चीतों की उम्र ढाई से साढ़े पांच साल है। देश में करीब 70 साल बाद लोगों को चीता नजर आएगा। नामीबिया में भारत के उच्चायोग ने इसे लेकर ट्वीट भी किया है। अपने ट्वीट में उच्चायोग ने लिखा कि 'सद्भावना राजदूतों को ले जाने के लिए बहादुरों की भूमि पर एक विशेष विमान आया है।'

नामीबिया ने समझौते के तहत चीते किए हैं दान
नामीबिया ने भारत को समझौते के तहत 8 चीते दान किए हैं। यह चीते नामीबिया से भारत इसी समझौते के तहत भेजे जा रहे हैं। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक चीतों का हवाई यात्रा के दौरान खाली पेट रखा जाएगा। लंबी यात्रा में पशुओं को अपच जैसी दिक्कत हो सकती है। इन्हें डॉक्टरों की निगरानी में भारत लाया जाएगा।












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