Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए कॉल्ड वार शुरू, पार्टी की गरिमा भूल बयानबाजी पर उतरे नेता

जयपुर, 14 सितंबर। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावनाओं के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर नेताओं में शीत युद्ध शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री गहलोत और सचिन पायलट के समर्थक विधायक लगातार बयानबाजी करने लग गए हैं। हाल ही में पुष्कर में गहलोत के मंत्री अशोक चांदना और शकुंतला रावत पर गुर्जर समाज के लोगों द्वारा जूते चप्पल उछालने की घटना के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पार्टी की संहिता और अनुशासन को भूल कर नेता आपस में खुलकर बयान बाजी कर रहे हैं। उनकी इस अनुशासनहीनता पर संगठन और दोनों गुटों के नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। इसका असर राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में साफ दिखेगा।

congress party

परसादी लाल ने पायलट को बताया बाहरी

परसादी लाल ने पायलट को बताया बाहरी

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने सचिन पायलट का नाम लिए बगैर उन्हें बाहरी नेता बताया है। मीणा ने यह बयान सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक में मुख्यमंत्री गहलोत की मौजूदगी में दिया। इस दौरान प्रसादी लाल मीणा ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार अशोक गहलोत के जादू से बची है। विधायकों का विश्वास सीएम गहलोत में बरकरार है। कोई कुछ भी कहे लेकिन सरकार मुख्यमंत्री गहलोत की वजह से बची है। मंत्री परसादी लाल मीणा टोंक जिले की निवाई में ब्लॉक स्तरीय राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेल स्पर्धा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मीणा ने कहा कि जो बाहर से विधायक बनने यहां आते हैं। हम उनकी आलोचना करते हैं। पहले भी लोग बाहर से यहां चुनाव लड़ने आए। लेकिन उन्होंने यहां धैले का भी काम नहीं किया। सचिन पायलट टोंक जिले की टोंक विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री के बयान को काफी अहम माना जा रहा है।

पायलट का नारा लगाया तो पकड़ेगी पुलिस

पायलट का नारा लगाया तो पकड़ेगी पुलिस

इससे ठीक एक दिन पहले जयपुर जिले के दूदू में ऐसे ही समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार और दूदू विधायक बाबूलाल नागर ने सचिन पायलट जिंदाबाद का नारा लगाने पर पुलिस द्वारा पकड़ने की धमकी दे दी। इस दौरान भी मुख्यमंत्री मंच पर मौजूद थे। नागर ने कहा कि यदि किसी ने राजीव गांधी और अशोक गहलोत के अलावा तीसरा नारा लगाया तो वह यहां से जा सकता है। फिर भी अगर उसने ऐसा किया तो यहां खड़ी पुलिस उसे पकड़ कर ले जाएगी। उनके कहने का सीधा मतलब था कि सभा में कोई भी सचिन पायलट जिंदाबाद का नारा नहीं लगाएगा। नागर के बयान से पायलट समर्थकों में आक्रोश है।

पुष्कर में चले जूते चप्पल

पुष्कर में चले जूते चप्पल

मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस की आपसी कलह और गुटबाजी उस वक्त खुलकर सड़क पर आ गई। जब गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अस्थि कलश यात्रा के समारोह में पुष्कर में दोनों दलों के बड़े नेताओं की मौजूदगी में मंत्री अशोक चांदना और शकुंतला रावत पर गुर्जर समाज के लोगों ने जूते चप्पल उछाले। गुर्जर समाज की नाराजगी और घटना से आहत होकर अशोक चांदना ने ट्वीट कर सचिन पायलट को खुलेआम चुनौती दे डाली। माना जा रहा है कि यह घटना सचिन पायलट के खिलाफ तैयार किए गए एक नैरेटिव का हिस्सा था। इस घटना के बाद गहलोत और पायलट गुट के नेता खुलकर आमने-सामने मुखर हो गए।

पायलट की चुप्पी पर टिकी सबकी निगाहें

पायलट की चुप्पी पर टिकी सबकी निगाहें

राजस्थान कांग्रेस में इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं है। प्रदेश की राजनीति में तेजी से घटनाक्रम चल रहे हैं। इन सबके बीच सचिन पायलट की चुप्पी पर तमाम लोगों की निगाहें टिकी हुई है। इतना सब कुछ होने के बावजूद सचिन पायलट ने कहीं कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि अशोक चांदना के ट्वीट के बाद उनकी पत्नी सारा पायलट जरूर ट्विटर पर एक्टिव हुई है। पिछले दिनों राहुल गांधी भी उनके धैर्य की तारीफ कर चुके हैं। यदि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो ऐसी सूरत में यह सवाल अहम हो जाता है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री की कमान किसके हाथ होगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+