टोक्यो पदक विजेता अवनि, देवेंद्र व सुंदर पर होगी रुपयों की वर्षा, जानें राजस्थान सरकार कितने करोड़ रुपए देगी?
जयपुर, 30 अगस्त। टोक्यो पैरालंपिक 2020 के पदक विजेता अवनि लेखरा, देवेंद्र झाझड़िया व सुंदर सिंह गुर्जर पर रुपयों की बरसात हो रही है। अवनि लेखरा ने निशानेबाजी में स्वर्ण पदक, भाला फेंक में देवेंद्र झाझड़िया ने रजत और सुंदर सिंह गुर्जन कांस्य पदक जीता है। तीनों ही खिलाड़ी मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं।

जानिए अवनि, देवेंद्र व सुंदर की ईनामी राशि
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की है। सीएम गहलोत ने बताया कि अवनि लेखरा को राजस्थान सरकार तीन करोड़ रुपए, देवेंद्र झाझड़ियों को दो करोड़ और सुंदर सिंह गुर्जर को एक करोड़ रुपए प्रदान किए जाएंगे।
अवनि लेखरा ने टोक्यो में जीता स्वर्ण पदक
टोक्यो पैरालंपिक से भारत के लिए बहुत अच्छी खबर है। पैरालंपिक में राजस्थान की बेटी अवनि लखेरा ने कमाल कर दिया है। अवनि ने निशानेबाजी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है। अवनि महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच1 में टॉप पर रहीं हैं। अवनी ने फाइनल में 249.6 अंक हासिल किए और उन्होंने वर्ल्ड रेकॉर्ड की बराबरी की। अवनि शुरुआत से ही शानदार फॉर्म में नजर आईं और उन्होंने पूरे मैच में अपना दबदबा कायम रखा। अवनि भारत की तरफ से पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वालीं पहली महिला खिलाड़ी हैं।
अवनि लेखरा की जीवनी
बता दें कि अवनी लेखरा का जन्म साल 2001 में राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुआ है। साल 2012 में अवनी एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थी। हादसे के बाद उसके आधे शरीर में लकवा मार गया था और वो पूरी तरह से व्हील चेयर पर निर्भर हो गई हैं। अवनी ने कभी अपने दिव्यांग होने का अफसोस नहीं मनाया है, बल्कि उन्होंने अपनी दिव्यांगता को ही ताकत बनाया। अवनी की इस सफलता पर आज पूरा देश गर्व कर रहा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीएम मोदी समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने अवनी को गोल्ड के लिए बधाई दी है।

टोक्यो रजत पदक विजेता की देवेंद्र झाझड़िया की जीवनी
बता दें कि टोक्यो पैरालंपिक के भाला फेंक इवेंट में देवेंद्र झाझड़िया ने रजत पदक जीता है। पैरालंपिक में देवेंद्र का यह तीसरा पदक है। 2004 एथेंस व 2016 रिया में स्वर्ण पदक जीता था। नए विश्व रिकॉर्ड बनाए थे। इस बार स्वर्ण पदक से चूक गए। देवेंद्र झाझड़िया मूलरूप से राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ के गांव देवीपुरा की झाझड़ियों की ढाणी के रहने वाले हैं।
10 जून 1981 को देवेंद्र का जन्म जीवनी देवी व रामसिंह झाझड़िया के घर हुआ था। देवेंद्र झाझड़िया आठ साल के थे तब करंट हादसे की वजह से इनका एक हाथ कोहनी तक काटना पड़ा। देवेंद्र की शादी पूर्व कबड्डी खिलाड़ी मंजू झाझड़िया से हुई है। इनके बेटी जिया और बेटा काव्यान है।

देवेन्द्र झाझड़िया को मिले अवार्ड
-3 दिसम्बर 2004 में राष्ट्रपति ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
-2004 में महाराणा प्रताप राज्य खेल पुरस्कार
-29 अगस्त 2005 में अर्जुन अवार्ड से नवाजे गए।
-2005 में पीसीआई उत्कृष्ट खिलाड़ी पुरस्कार।
-2014 में पद्मश्री और पैरा स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ द ईयर अवार्ड
-2016 में जीक्यू मैगजीन ने बेस्ट प्लेयर के अवार्ड से नवाजा
-29 अगस्त 2017 को राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड
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देवेंद्र झाझड़िया के रिकॉर्ड
- ब्रिटिश ओपन एथलेटिक्स चैम्पियशिप 2003 में जेवलिन थ्रो, ट्रिपल जम्प और शॉट पुट में स्वर्ण पदक
- एथेंस पैरालंपिक गेम्स 2004 में जेवलिन थ्रो में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता और व्यक्तिगत रूप से पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।
-नौवीं फेसकिप गेम्स कुआलालम्पुर 2006 (पैरा एशियन) जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक व रिकॉर्ड
-आईडब्यूएएस वर्ल्ड गेम्स ताइपेई ताइवान 2007 में जेवलिन थ्रो में रजत पदक
-आईडब्यूएएस वर्ल्ड गेम्स बंगलौर 2009 में जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक व डिस्कस थ्रो में रजत पदक
-वर्ल्ड चैम्पियशिप लियोन फ्रांस 2003 जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल कर चैम्पियशिप का नया रिकॉर्ड बनाया।
-पैरा एशियन गेम्स इंचियोन कोरिया 2014 में रजत पदक
-आईपीसी वर्ल्ड चैम्पियशिप दोहा 2015 में रजत पदक
-पैरालंपिक रियो डे जेनेरियो 2016 में स्वर्ण पदक के साथ खुद का एथेंस का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। पैरालंपिक में दो बार स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।
-टोक्यो पैरालंपिक 2020 में रजत पदक जीता है। पैरालंपिक के तीन पदक वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी
टोक्यो पैरालंपिक में सुन्दर सिंह गुर्जर को कांस्य
बता दें कि सुंदर सिंह गुर्जर ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 से कांस्य पदक जीता है। बता दें कि सुंदर राजस्थान के करौली की टोडाभीम तहसील के गांव देवलेन के रहने वाले हैं। 2015 तक सुंदर गुर्जर सामान्य खेलों में हिस्सा लिया करते थे। करीब सात साल पहले एक दोस्त के घर हादसा हुआ था। टीन की चद्दर इनके हाथ पर गिर गई थी, जिसकी वजह हाथ की कलाई को काटना पड़ा था। इस हादसे के बाद सुंदर गुर्जर जबरदस्त निराशा में डूब गया था, मगर फिर अपने बुलंद हौसलों के दम पर खेल में शानदार वापसी की। हादसे के बाद सुंदर पैरा एथलीट बन गए।

रियो में इवेंट से डिस्क्वालिफाई हुए
बता दें कि रियो पैरालंपिक 2016 में सुंदर गुर्जर के साथ अजीब घटना हुई और पैरालंपिक के मैदान में मौजूद होने के बावजूद इवेंट में भाग से चूक गए थे। हुआ यह था कि इवेंट से पहले अनाउंसमेंट कॉल किया गया था, जिसे सुनने में सुंदर को 52 सेकंड की देरी हो गई। इस वजह से उनकी कॉल रूम में लेट एंट्री हुई। ऐसे में उन्हें इवेंट से डिस्क्वालिफाई घोषित कर दिया गया था।
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सुंदर गुर्जर के अवार्ड व पदक
-पैरा वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता गोल्ड मेडल।
- लंदन वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जैवलिन थ्रो एफ-46 में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता
-लंदन में सुंदर ने इस दौरान 60.36 मीटर के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
-वर्ष 2019 में दुबई में हुई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीता।
वर्ष 2019 में केंद्र सरकार की ओर से अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
-एशियन पैरा गेम्स में सिल्वर एवं ब्रॉज मेडल जीते।
-2018 में महाराणा प्रताप पुरस्कार से भी सम्मानित।
-16वीं सीनियर नेशनल पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप के दौरान राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के लिए 68.42 मीटर के निशान को छुआ था।
-2020 में टोक्यो पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता।
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