Bipin Rawat : मेरे बॉस रहे CDS बिपिन रावत की ये 5 खूबियां जिंदगीभर नहीं भूल सकता-मेजर जनरल माथुर
जयपुर, 8 दिसम्बर। लगभग दोपहर के 12 बज रहे होंगे। तभी पत्नी मधु माथुर के मोबाइल में किसी न्यूज वेबसाइट का नोटिफिकेशन आया था। खबर थी कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) Bipin Rawat CDS का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हम दोनों हैरान थे। मुझे यकीन नहीं हो रहा था। मैंने तुरंत टीवी ऑन किया तो सारे न्यूज चैनलों पर भी यही खबर ब्रेक हो रही थी कि तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुन्नूर में सेना के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों को ले जा रहा भारतीय वायुसेना का Mi-17V5 हेलीकॉप्टर बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत समेत 14 लोग सवार थे।

मेजर जनरल अनुज माथुर जयपुर
यह कहना है कि राजस्थान के राजधानी जयपुर के बापूनगर में रहने वाले मेजर जनरल अनुज माथुर का। माथुर साल 2018 में जीओसी जयपुर के पद से रिटायर हो गए। आज (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रैश हादसे ने मेजर जनरल अनुज माथुर को भी झकझोर दिया।

जनरल बिपिन रावत के साथ कर चुके काम (Bipin Rawat Biography Hindi)
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में मेजर जनरल अनुज माथुर ने बताया कि उन्होंने जनरल बिपिन रावत के अंडर में वर्षों काम किया। मुम्बई, दिल्ली, जोधपुर, जयपुर समेत कई जगहों पर पोस्टिंग के दौरान जनरल रावत उनके बॉस की भूमिका में थे। उनके काफी कुछ सीखने को भी मिला। मेजर माथुर कहते हैं जनरल बिपिन रावत मुझसे तीन साल सीनियर थे। राजस्थान के जोधपुर में साथ-साथ युद्धाभ्यास भी किया।

बॉम्बे आर्मी हैडक्वार्टर में रावत व माथुर एक साथ रहे ( CDS General Bipin Rawat Crashes in Tamil Nadu)
मेजर जनरल अनुज माथुर और सीडीएस जनरल बिपिन रावत बॉम्बे आर्मी हैडक्वार्टर में एक साथ एक माह तक काम किया। इसके बाद रावत आर्मी कमांडर बनकर पूना चले गए। इसी तरह साल 2007 में दिल्ली आर्मी हैडक्वार्टर में पोस्टिंग के दौरान माथुर कर्नल और रावत बिग्रेडियर हुआ करते थे। माथुर ने जब बतौर जीओसी जयपुर में सेवाएं दी तब रावत आर्मी चीफ के तौर पर इनके बॉस थे।

जनरल बिपिन रावत की सात खास खूबियां
मेजर जनरल अनुज माथुर कहते हैं कि बॉस के रूप में बिपिन रावत परफेक्ट पर्सन थे। उनके अधीन काम करने का अलग ही अनुभव है। मेजर माथुर ने अपने बॉस की ये सात खूबियां वन इंडिया हिंदी से शेयर की।

1. काम की समझ
मेजर माथुर कहते हैं कि रावत साहब की सबसे बड़ी खूबी ये थी कि उनको अपने काम की बहुत अच्छे से समझ थी। उनके काम करने का तरीका और नॉलेज का हर अफसर कायल रहा है। उनकी नॉलेज पर किसी को कोई शक नहीं होता।

2. निर्णय क्षमता
सही समय पर सही निर्णय लेना कोई जनरल रावत से सीखे। उनमें तेजी से निर्णय लेनी की गजब की क्षमता थी। उनके निर्णय पर फिर कोई सवाल उठाने की गूंजाइश ही नहीं बचती थी। पुलगांव महाराष्ट्र हादसे में लिया गया निर्णय काफी चर्चित रहा।

3. कम्यूनिकेशन
बॉस रहे जनरल बिपिन रावत ने अपने साथी अफसरों के बीच कभी कम्यूनिकेशन गेप नहीं रखा। वे भारतीय सेना जवानों से लगातार सम्पर्क करते रहते थे।

4. समझते थे बातें
पूर्व आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत की अच्छी खूबियों में यह बात भी शामिल थी कि वे अपने अंडर काम करने वालों की बातें सुनते थे और अच्छे से समझते भी थे। उसी के अनुसार समाधान करते थे।

5. अप्रोच
अक्सर होता है कि लोग बॉस के सामने अपनी समस्या को लेकर पहुंचने से हिचकते हैं, मगर बिपिन रावत के साथ यह बात नहीं थी। हर किसी के लिए उनकी अप्रोच आसान थी। उनको अप्रोच करने में किसी को कोई परेशानी नहीं होती थी।












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