Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Avani Lekhara : विदेश से मंगवाई 12 लाख की बंदूक, 4 लाख की व्हीलचेयर, 2500 रुपए प्रतिघंटे में ली ट्रेनिंग

जयपुर, 4 सितम्बर। अवनि लेखरा...। भारतीय निशानेबाज का वो नाम​ जिसने पूरे देश को दुनिया में गौरवान्वित किया है। टोक्यो पैरालंपिक 2020 में इतिहास रच डाला है। दो पैरालंपिक मेडल जीतने वाली अवनि पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई हैं।

अवनि ने की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की

अवनि ने की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की

बता दें कि अवनि लेखरा ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच1 में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए स्वर्ण पदक जीता और 50 मीटर राइफल स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।

 जयपुर की रहने वाली हैं अवनि

जयपुर की रहने वाली हैं अवनि

साल 2001 में जयपुर में जन्मी अवनि साल 2012 में सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थी। उसके पैरों ने लकवे की वजह से काम करना बंद कर दिया। फिर अवनि लेखरा को यूं ही पैरालंपिक में डबल मेडल नहीं मिले। इसके पीछे अवनि के संघर्ष और हौसलों की गजब कहानी है, जो मीडिया से बातचीत में उनके पिता प्रवीण लेखरा ने बयां की है।

 अमेरिका से मंगवाई व्हीलचेयर

अमेरिका से मंगवाई व्हीलचेयर

अवनि के पिता प्रवीण लेखरा ने बताया कि टोक्यो पैरालंपिक 2020 में अवनि ने जिस व्हीलचेयर पर बैठकर दो पदकों पर निशाना साधा वो व्हीलचेयर अमेरिका से मंगवाई गई है। व्हीलचेयर की कीमत करीब चार लाख रुपए है। बंगलुरू की एक कंपनी के स्टाफ ने अवनि की शारीरिक दिक्कतों को देखते हुए व्हीलचेयर के लिए बारीकी से नाप जोख किया। उसके बाद व्हीलचेयर इम्पोर्ट की।

सूमा शिरूर से ली ट्रेनिंग

सूमा शिरूर से ली ट्रेनिंग

प्रवीण लेखरा ने बताया कि ओलंपिक 2020 के अवनि ने कड़ी मेहनत की है। नेशनल कोच सूमा शिरूर ने अवनि को आनलाइन ट्रेनिंग दी। ओलंपिक की विशेष की कोचिंग की फीस 2500 रुपए प्रतिघंटा था। शुरुआत में ट्रेनिंग का खर्च अवनि के पिता उठाया। हालांकि बाद में गो स्पोर्ट्स की ओर से इसका खर्चा रिइम्बर्स किया गया।

पहले 2.34 लाख की फिर 12 लाख की गन

पहले 2.34 लाख की फिर 12 लाख की गन

बता दें कि अवनि लेखरा पहले दस मीटर शूटिंग में हिस्सा लिया करती थी, जिसमें वह 2 लाख 34 हजार रुपए राइफल से निशाना लगाया करती है। उसके बाद अवनि ने 10 की बजाय 50 मीटर में हाथ आजमाना शुरू किया तो उसे खास राइफल व अटैचमेंट के इम्पोर्ट सामान पर 12 लाख रुपए खर्च किए गए। इसके अलावा घर पर प्रैक्टिस के लिए चार लाख रुपए का इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम लगाया गया।

अवनि ने ट्रेनिंग में यूज किए 15 हजार कारतूस

अवनि ने ट्रेनिंग में यूज किए 15 हजार कारतूस

बता दें कि टोक्यो पैरालंपिक 2020 की 50 मीटर शूटिंग प्रतियोगिता के जमकर मेहनत की थी। दो-तीन माह की ट्रेनिंग के लिए 15 हजार कारतूस यूज किए थे। पहले कारतूस का खर्च शूटर को खुद उठाना पड़ता था, लेकिन जयपुर की शूटिंग रेंज टॉप्स स्कीम में जगह बनाने के बाद से अवनि की प्रैक्टिस में कारतूस का खर्च स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया उठाने लगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+