कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रहना चाहते है अशोक गहलोत, जानिए पूरी वजह
जयपुर, 24 सितंबर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तय कर लिया है कि वह आसानी से राजस्थान नहीं छोड़ेंगे। गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री तब तक बने रहेंगे जब तक कि वह कांग्रेस के अध्यक्ष नहीं बन जाते हैं। कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव अगले महीने होना है। सोनिया गांधी ने अशोक गहलोत को नामांकन दाखिल करने के निर्देश दे दिए हैं। सोनिया चाहती हैं कि अशोक गहलोत नामांकन से पहले मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र सौंप दे। लेकिन गहलोत के मन में कुछ और ही है। पार्टी के सूत्रों की माने तो राजस्थान के मुख्यमंत्री के विषय में फैसला अगले महीने के अंत तक ही होगा कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को चुनाव होने हैं।


कांग्रेस के अध्यक्ष बनने तक नहीं देंगे इस्तीफा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक राजस्थान के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस में अन्य कई लोग भी चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में ऐन वक्त तक कुछ भी संभव हो सकता है। राजनीति में सब कुछ जायज होता है। राहुल गांधी के इशारे पर ही दिग्विजय सिंह ने कहा था की अशोक गहलोत को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले इस्तीफा दे देना चाहिए। राजनीति में सब जायज है। ऐसे में अशोक गहलोत कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं।

अध्यक्ष बनने के बाद विशेषाधिकार का प्रयोग कर सकते हैं गहलोत
कांग्रेस नेतृत्व इस बात को अच्छी तरह से समझता है कि कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद अशोक गहलोत सचिन पायलट के खिलाफ अपने अध्यक्ष पद का विशेषाधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व किसी भी सूरत में रिस्क नहीं लेना चाहता। अशोक गहलोत नहीं चाहते कि सचिन पायलट राजस्थान के मुख्यमंत्री बने ऐसे में गहलोत पायलट के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकते हैं। कांग्रेस आलाकमान इन संभावनाओं के बीच गहलोत से नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले इस्तीफा चाहता है।

कांग्रेस आलाकमान के विश्वसनीय नेता है गहलोत
अशोक गहलोत गांधी परिवार के विश्वसनीय लोगों में शुमार है। सोनिया गांधी गहलोत पर पूरा भरोसा करती है। कांग्रेस में ऐसा माना जाता है कि अशोक गहलोत की बात सोनिया गांधी कभी नहीं टालती है। लेकिन इस बार गहलोत का मुकाबला राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से है। इन दोनों नेताओं ने यह तय कर लिया है कि कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करना है तथा सत्ता में आने की उम्मीद बनाए रखनी है तो गहलोत को राजस्थान छोड़ना ही होगा। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चाहते हैं कि राजस्थान में कांग्रेस का नेतृत्व किसी युवा नेता के हाथ में आए। ऐसे में उनकी पहली पसंद सचिन पायलट है।












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