अशोक गहलोत को बुजुर्ग की सलाह-' किसी के चक्कर में नहीं पड़ना, चौथी बार CM बनना है, दिल्ली आपके पास आएगी'
अशोक गहलोत को चौथी बार राजस्थान सीएम बनने की सलाह का वायरल वीडियो
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारियों और सीएम अशोक गहलोत व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट में सियासी मनमुटाव के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो खुद सीएम अशोक गहलोत ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है। सियासत के जानकारों की मानें तो यह वायरल वीडियो सीएम अशोक गहलोत की मनदशों की एक झलक है।

किसी की बातों में नहीं आना चाहिए
दरअसल, वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति सीएम अशोक गहलोत को सलाह दे रहा है कि उन्हें किसी की बातों में नहीं आना चाहिए और चौथी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने पर फोकस रखें। बुजुर्ग ने अपनी सलाह में दिल्ली का जिक्र किया और कहा कि सीएम अशोक गहलोत को राजस्थान छोड़कर किसी पद पर दिल्ली नहीं जाना चाहिए। गहलोत का कद ही इतना बढ़ा है कि दिल्ली (कांग्रेस आलाकमान) खुद चलकर उनके पास आएगी।

चित्तौड़गढ़ के जालमपुरा निवासी 96 वर्षीय नगजीराम जाट से मुलाकात
तीसरी बार राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि 'चित्तौड़गढ़ के जालमपुरा निवासी 96 वर्षीय नगजीराम जाट से मुलाकात हुई। नगजीराम ने प्रदेश में फिर से कांग्रेस सरकार बनने का आशीर्वाद दिया। मेरी कामना है कि नगजीराम शतायु हों एवं पुनः कांग्रेस सरकार बनने पर मैं फिर से आपका आशीर्वाद लेने चित्तौड़गढ़ आऊं। प्रदेश का माहौल देखकर ये तय है कि करोड़ों बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं के आशीर्वाद एवं समर्थन से 2023 में राजस्थान में पुनः कांग्रेस सरकार बनेगी'
कोई दिल्ली भेजे तो किसी की नहीं सुननी है
दरअसल, जालमपुरा के नगजीराम जाट मारवाड़ी बोलते हुए सीएम अशोक गहलोत को आशीर्वाद देते हैं कि उन्हें किसी के चक्कर में नहीं पड़ना है। चौथी बार मु्ख्यमंत्री बनाएंगे। वापस मुख्यमंत्री बनकर आना है। कोई दिल्ली भेजे तो किसी की नहीं सुननी है। दिल्ली खुद चलकर आ जाएगी।

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर विरोधियों को सियासी संदेश
इधर, राजस्थान की राजनीति पर पकड़ रखने वालों का कहना है कि सीएम अशोक गहलोत ने यह वीडियो खुद सोशल मीडिया पर शेयर कर राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर विरोधियों को सियासी संदेश दिया है कि वे राजस्थान से नहीं जाना चाहते हैं।
पूरी कहानी को यूं समझिए कि पिछले दिनों कांग्रेस आलाकमान ने तय किया कि अशोक गहलोत को कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ना चाहिए। अगर वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते तो राजस्थान की बजाय दिल्ली से राजनीति करते। इधर, राजस्थान में सीएम की कुर्सी गहलोत के सियासी विरोधी सचिन पायलट के पास चली जाती। एनवक्त पर अशोक गहलोत गुट के विधायकों ने बगावत कर दी और घटनाक्रम ऐसा बना कि अशोक गहलोत कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ से हट गए और फिर मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष बने। राजस्थान की सियासी तस्वीर पहले जैसी ही है।












Click it and Unblock the Notifications