जैसलमेर में हनीट्रैप : ISI की महिला एजेंट के हुस्न के जाल में फंसकर सेना के जवान ने की देश से गद्दारी
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Jaisalmer News , जैसलमेर। भारतीय सेना का एक जवान हनीट्रैप में फंसा है। जवान को राजस्थान के जैसलमेर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। इस पर सोशल साइट्स के जरिए गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान भेजने का आरोप है। इंटलीजेंस पुलिस ने जवान से पूछताछ शुरू कर दी है। ADG इंटलीजेंस उमेश मिश्रा ने जवान की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। जवान सोमवीर को 18 जनवरी 2019 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

मामले के अनुसार जैसलमेर में तैनात इंडियन आर्मी के जवान सोमबीर की पिछले काफी समय से गतिविधियां संदिग्ध लग रही थी। राजस्थान की विशेष शाखा व आर्मी इंटेलीजेंस को Jawan Sombir के बारे में सोशल मीडिया के जरिए सीमा पार गोपनीय सूचनाएं भेजने की सूचना मिलने इस पर निगरानी बढ़ाई गई।

सोमबीर ने वर्ष 2016 में ज्वाइन की Indian Army
सोमबीर की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने पर पता चला कि वर्ष 2016 में सेना में भर्ती हुआ जवान सोमबीर लगातार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेन्ट के सम्पर्क में है। सोमबीर महिला एजेंट के हनीट्रेप में फंसकर फेसबुक-वाट्सअप के जरिये सेना की गोपनीय जानकारी सीमा पार भिजवा रहा था।

जयपुर में की जा रही पूछताछ
जवान सोमबीर को शुक्रवार सुबह सेना द्वारा इंटेलीजेंस पुलिस को हैंडओवर करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उसे गहन पूछताछ के लिए शुक्रवार शाम को जयपुर ले जाया गया है। जहां पर उससे सेंट्रल इन्वेस्टीगेशन सेंटर में गहन में पूछताछ की जा रही है।

ट्रेनिंग में ही आ गया ISI एजेंट के सम्पर्क में
आरोप है कि जवान सोमबीर अपने प्रशिक्षल काल में ही उक्त महिला एजेन्ट के संपर्क में आ गया था। दोनों के बीच फेसबुक-वाट्सअप के जरिए बातचीत होती थी। जैसलमेर तैनाती के दौरान महिला ने उसे हनीट्रेप में फंसा कर उससे सेना की गई गोपनीय जानकारी हासिल की। सोमबीर को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी धनराशि दिए जाने की भी आशंका है।

क्या है हनीट्रैप ( what is honey trap in hindi )
जैसा की इसके नाम से ही जाहिर हो रहा है कि हनी मतलब शहद और ट्रैप यानि जाल। खुफिया एजेंसियों की खूबसूरत महिलाएं सूचनाएं हासिल करने के लिए अक्सर इस तरीके का इस्तेमाल करती हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेंट भारतीय वायुसेना के अरुण मारवाह समेत कई अफसरों व जवानों को हनीट्रैप में फंसा चुकी हैं।
हनीट्रैप में सबसे बड़ा हथियार सोशल मीडिया को बनाया जाता है। फेसबुक-वाट्सअप आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिला एजेंस अपने हुस्न का जाल बिछाती हैं और गुप्त सूचनाएं हासिल कर लेती हैं।












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