बस्तर के ग्रामीणों ने कर दिखाया दशरथ मांझी जैसा कारनामा, पहाड़ काटकर बना दिया रास्ता
The villagers of Bastar did the feat like Dashrath Manjhi, cut the mountain and made a way
रायपुर ,22 फरवरी। दंतेवाड़ा, 22 फरवरी 2022 । देश में आज भी कई ऐसे पिछड़े इलाके हैं, जहां पर ना तो सड़कें हैं और ना ही पक्के मकान। इतना ही नहीं ऐसे इलाकों में लोग स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी शहरों पर ही आश्रित हैं। आपने बॉलीवुड की फिल्म दशरथ मांझी द माउंटेन मैन देखी होगी। सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म में बताया गया है कि सही समय पर पत्नी को इलाज ना मिल पाने की वजह से पहाड़ काटकर रास्ता बना देता है। कुछ ऐसा ही घटा है, छत्तीसगढ़ के बस्तर में जहां ग्रामीणों ने पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया है।

बस्तर में आदिवासी ग्रामीणों ने पहाड़ काटकर अपने गांव को मुख्य सड़क के करीब पहुंचा दिया। पहाड़ काटकर बनाई गई सड़क की वजह से अब उन्हें सही समय पर इलाज मिल सकेगा। ग्रामीणों की इस पहल से बस्तर संभाग के दो जिलों के गांव आपस मे जुड़ गए हैं। दरअसल बेउरनार नाम का गांव दंतेवाड़ा जिले में आता है, इस गांव के बाशिंदे लंबे समय से जनप्रतिनिधियों से कच्चा रास्ता बनाये जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा था। इस बीच सरकारी उपेक्षा का शिकार बने गांव वालों ने मिलकर समस्या का समाधान निकाल लिया। बस्तर जिले की रायगोंदी पंचायत और दंतेवाड़ा जिले के बेउरनार गांव के लोगों ने पहाड़ काटकर दोनो गांव को आपस में जोड़ दिया।
यह भी पढ़ें छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू, सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे सीएम भूपेश
ग्रामीण जगतू राम नाग का कहना है कि देश आजाद होने के बाद भी हमारे गांव के लोग सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से दूर हैं। बस्तर जिले के रायगोंदी और दंतेवाड़ा जिले के बेउरनार के बीच पांच किलोमीटर तक कोई सड़क नहीं है। करीब 10 हजार ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचने के लिए नदी, नाले, जंगल और पहाड़ पार करना पड़ता है, इसलिए एक सड़क की मांग कर रहे थे, लेकिन अब हमारे पास सड़क है। हम लोगों ने खुद ही पहाड़ काटकर सड़क बना ली है।
बहर हाल पहाड़ काटकर सड़क बनाए जाने की घटना के बाद एक तरफ जहां ग्रामीणों में उत्साह है, तो वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरकार की उदासीनता सोचने पर मजबूर कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications