जानिए कौन हैं उर्मिला चतुर्वेदी, जिन्होंने राम मंदिर के लिए 28 साल पहले त्याग दिया था अन्न
जबलपुर। 5 अगस्त 2020 को देश की इच्छा पूरी होने जा रही है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होगा। इसी के साथ ही 81 वर्षीय महिला उर्मिला चतुर्वेदी का अनूठा संकल्प भी पूरा होने वाला है। आइए जानते हैं कौन हैं उर्मिला चतुर्वेदी और क्या है इनका 28 साल पुराना संकल्प।
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क्यों लिया अन्न त्यागने का संकल्प?
6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिरा दिया गया था। उस वक्त हुए विवाद को लेकर जब खून खराबा हुआ तो उर्मिला चतुर्वेदी विचलित हो गई थीं। तब इन्होंने संकल्प लिया कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं हो जाता तब तक ये अन्न ग्रहण नहीं करेंगी।

कहां की रहने वाली हैं उर्मिला चुतर्वेदी?
उर्मिला चुतर्वेदी मूलरूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के विजय नगर इलाके की रहने वाली हैं। बीते 28 साल से ये अन्न की बजाय सुबह में चाय, सीजनल फल, दूध और मठा ले रही हैं सिर्फ। पिछले साल अयोध्या विवादित भूमि को लेकर कोर्ट का फैसला आया तब भी ये अपने फैसले पर अडिग रहीं और बोलीं कि वे अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में उनके दर्शन के बाद ही अपना उपवास तोड़ूेंगी।

सीएम बोले-प्रभु श्रीराम कभी भक्तों को निराश नहीं करते
अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए होने जा रहे भूमि पूजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मध्यप्रदेश के सीएम ने आज ट्वीट करके भी कहा है कि, 'प्रभु श्रीराम कभी भक्तों को निराश नहीं करते हैं, फिर चाहे वह त्रेतायुग की शबरी माता हों या आज की मैया उर्मिला! माता,धन्य है आपकी श्रद्धा! यह सम्पूर्ण भारतवर्ष आपको नमन करता है! जय सियाराम!'












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