भाषण से हेल्थ सक्सेस नहीं , सिकल सेल जैसी बीमारी पर गंभीरता जरुरी, जबलपुर में बोले केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री

विश्व सिकलसेल दिवस पर जबलपुर के ट्रिपल आईटीडीएम में हुए प्रोग्राम में सिकल सेल पर चिंता जताई गई। आयोजन में पहुंचे मप्र के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल के खात्मे के लिए जन भागीदारी और सामूहिक प्रयास आवश्यक है।

जबलपुर, 19 जून: सिकल सेल बीमारी कोरोना से ज्यादा गंभीर बीमारी है, अब यह आदिवासियों में ही नहीं बल्कि अन्य समाज के लोगों में भी जानलेवा रूप लेती जा रही है, दुनिया में फैली सिकल सेल बीमारी सरकारों के लिए लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। विश्व सिकलसेल एनिमिया जागरूकता दिवस के मौके पर जबलपुर के ट्रिपल आईटीडीएम (IIITDM) में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में पहुंचे राज्यपाल मंगुभाई पटेल बोले कि प्रदेश के आदिवासी बहुल 14 जिलों में इस बीमारी का ज्यादा प्रकोप है। जिसकी रोकथाम के लिए उठाये जा रहे व्यापक कदम को प्रभावी बनाने की जरूरत है। सीएम शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मण्डाविया और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभु राम चौधरी भी इस आयोजन में शामिल हुए और सिकल सेल पोर्टल का भी शुभारंभ किया।

कोरोना से ज्यादा खतरनाक सिकल सेल

कोरोना से ज्यादा खतरनाक सिकल सेल

विश्व सिकलसेल दिवस पर जबलपुर के ट्रिपल आईटीडीएम में हुए प्रोग्राम में सिकल सेल पर चिंता जताई गई। आयोजन में पहुंचे मप्र के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल के खात्मे के लिए जन भागीदारी और सामूहिक प्रयास आवश्यक है। बीमारी की रोकथाम के लिए जितनी कोशिशे सरकार कर रही है, उतनी सक्रियता यदि समाज अपनी जिम्मेदारी समझकर दिखाए तो इस बीमारी से काफी हद तक निपटा जा सकता है। राज्यपाल बोले कि सिकल सेल को कोरोना से भी ज्यादा गंभीर बीमारी है, क्योकि अब यह आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि दूसरे समाज के लोगों को भी अपनी चपेट में ले रही है। उन्होंने दुनिया में फैल रही सिकलसेल की बीमारी पर चिंता जताते हुए कहा है कि यह सरकार और समाज के लिए चिंतन का विषय है। सिकल सेल एनीमिया की जांच और सर्वे का काम तेजी से करना होगा, इसके लिए आने वाले 6 माह में बीमारी की रोकथाम संबंधी योजना बनाई जानी चाहिए।

सरकार की आवाज में मिले ‘जनता की आवाज’

सरकार की आवाज में मिले ‘जनता की आवाज’

कार्यशाला में शिरकत करने शहर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडविया ने कहा है कि सिकलसेल ऐसी अनुवांशिक बीमारी है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को हो रही है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए रिसर्च हो रहे हैं, बीमारी से मुक्ति दिलाने का काम तेजी से करने की जरूरत बताई। मंडविया बोले कि मोदी सरकार 25 साल का लक्ष्य लेकर चल रही है उसमें सभी विभाग शामिल हैं। अब भाषण से हेल्थ सक्सेस नहीं होगा, बल्कि योजना बनाकर स्वास्थ्य पर गंभीर काम करना होगा। जनता की आवाज जब सरकार की आवाज में मिल जाती है, तब बेहतर कार्य योजना बनती है। उन्होंने मोदी सरकार की योजना का बखान भी किया और कहा कि सरकार स्वास्थ्य को आसान और सुविधा युक्त बनाना चाहती है। केंद्र सरकार मेडिकल कॉलेज बनाने में राज्यों को मदद कर रही है। और अब हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है। टीबी मुक्त भारत के लिए 2.O योजना लेकर आने की भी बात कही।

PM मोदी भारत के लिए भगवान का वरदान

PM मोदी भारत के लिए भगवान का वरदान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि सिकलसेल बीमारी से लड़ने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा है कि अभी सरकार ने कोविड की लड़ाई लड़ी और आज हम सब पहले की तरह खुली हवा में बैठे है। शिवराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के लिए भगवान का वरदान करार दिया। सीएम बोले कि दुनिया में कोविड वैक्सीनेशन का बेहतर प्रबंधन भारत ने किया है, सिकलसेल से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि लड़ने की आवश्यकता है।उन्होंने सिकल सेल के खात्मे के लिए राज्यपाल मंगू भाई पटेल द्वारा बताई गई बातों की तारीफ की। राज्यपाल के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि सिकलसेल से लड़ाई में बच्चों के साथ उनका मामा शिवराज भी साथ हैं। मध्य प्रदेश के प्रभावित 14 जिले है लेकिन स्केनिंग पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। जनभागीदारी के बेहतर मॉडल से ही बीमारी पर सफलता हासिल करने की सीएम ने जरुरत बताई।

सिकल सेल पोर्टल की हुई शुरुआत

सिकल सेल पोर्टल की हुई शुरुआत

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी ने कहा है कि आने वाली पीढ़ी में सिकल सेल की अनुवांशिक बीमारी न हो, इसकी रोकथाम के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। डॉक्टरों से लेकर लैब टेक्निशियन तक स्वास्थ्य कर्मियों को सिकलसेल के उपचार के लिए ट्रेनिंग दी गई है। डॉ. प्रभुराम चौधरी बोले हीमीग्लोबिन पैथी मिशन के अंतर्गत सिकलसेल पोर्टल में अब डिजिटल हेल्थ रिकार्ड संधारित की जावेगी। अनुवांशिक बीमारी सिकलसेल की रोकथाम के लिए प्रारंभिक तौर पर पहचान आवश्यक है ताकि समय पर उचित उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए केयर सेंटर भी बनाये गये हैं। जहां सिकलसेल के मरीजों की जांच व उपचार किया जाता है। अब डोर टू डोर इस बीमारी को लेकर स्क्रीनिंग कराई जाएगी, साथ ही बीमारी से संबंधित एक भी लक्षण मिलने पर मरीज को इलाज के समुचित प्रबंध किए जाएगे। कार्यशाला के दौरान राज्यपाल और सीएम समेत मंत्री ने पौधारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का सन्देश दिया।

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