Jabalpur News: फोर्थ क्लास कर्मचारी का फोर्थ क्लास में प्रमोशन ! हाई कोर्ट में जबपुर नगर निगम कमिश्नर तलब
एमपी के जबलपुर नगर निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पदोन्नति के मामले में हाई कोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को तलब किया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसे चतुर्थ श्रेणी में ही प्रमोशन दे दिया गया।

Promotion of fourth class employee in fourth class:क्या आपने कभी कर्मचारी के बारे में सुना है कि वह जिस ग्रेड में पदस्थ है, उसी ग्रेड में प्रमोट हो गया हो? इसी से जुड़ा एक मामला एमपी हाई कोर्ट पहुंचा है। जबलपुर नगर निगम में फोर्थ क्लास कर्मचारी की याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें फोर्थ क्लास लक्ष्मण बरुआ की ओर से बताया गया कि 2002 में प्रमोशन के आदेश होने के बाबजूद पहले तो प्रमोट नहीं किया, बाद में जब कार्रवाई हुई तो उसे फोर्थ क्लास में प्रमोशन दे दिया गया। कोर्ट में प्रस्तुत दलीलों के आधार पर नगर निगम कमिश्नर को तलब किया गया है।

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जबलपुर नगर निगम में हांका गैंग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लक्ष्मण बरुआ की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिसमें बताया गया है कि साल 2002 में उसके प्रमोशन के आदेश हुए थे। लेकिन निगम प्रशासन ने उसे पदोन्नत नहीं किया। जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 2004 में निर्देश दिए थे कि पद उपलब्ध होते ही लक्ष्मण को पदोन्नति दी जाए। जब यह अवसर आया तो नगर निगम प्रशासन ने उसे नोटिस राइटर के पद पर प्रमोट बता दिया।

याचिकाकर्ता के द्वारा दोबारा हाई कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम द्वारा जिस पद पर पदोन्नति दी है, वह चतुर्थ श्रेणी में आता है। अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय की ओर से बताया गया कि ऐसी पदोन्नति नियम विरुद्ध है। वहीं सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया कि हांका गैंग के कर्मचारी की पदोन्नति का पद नोटिस राइटर ही है। कोर्ट ने इस संबंध में नियम की जानकारी चाही, तो वह उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके मद्देनजर अदालत ने इस मामले में नगर निगम कमिश्नर आशीष वशिष्ठ को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए है। इस मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को रखी गई है।












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