जब नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने उतार दी थी चप्पल, यहाँ आज भी उन्हें याद कर रहे लोग..
देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति का गौरव हासिल करने वाली द्रौपदी मुर्मू की सादगी, सरलता को आज मप्र की संस्कारधानी जबलपुर भी याद कर रहा है। जब वह झारखंड की राज्यपाल थी, तो 30 अप्रैल 2017 को उनका शहर आगमन हुआ था। new preside
जबलपुर, 22 जुलाई: देश की नव निर्वाचित महामहिम द्रौपदी मुर्मू की मप्र की संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर शहर से भी यादें जुड़ी है। झारखंड की राज्यपाल रहते हुए मुर्मू जब यहाँ के भेड़ाघाट पहुंची तो नौका विहार से पहले उन्होंने अपनी चप्पल उतार दी थी। उनका कहना था कि जीवन दायिनी माँ नर्मदा की गोद में जा रही हूँ, तो भला चप्पल कैसे पहन सकती हूँ। उस दौरान उन्हें भेड़ाघाट का स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया था।

देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति का गौरव हासिल करने वाली द्रौपदी मुर्मू की सादगी, सरलता को आज मप्र की संस्कारधानी जबलपुर भी याद कर रहा है। जब वह झारखंड की राज्यपाल थी, तो 30 अप्रैल 2017 को उनका शहर आगमन हुआ था। शहर के सर्किट हॉउस में वह ठहरी थी। उस वक्त उन्होंने यहाँ के विश्व प्रसिद्द भेड़ाघाट में नौका विहार और धुंआधार वाटर फॉल देखने की इच्छा जताई थी। उन्होंने यहाँ के सौन्दर्य का लुत्फ़ उठाया फिर लोगों से भेड़ाघाट की तारीफ भी की थी। भेड़ाघाट नगर परिषद् के अधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया था।

नौका विहार के पहले उतार दी चप्पल
नव निर्वाचित राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू पवित्र नर्मदा के प्रति अगाध आस्था और प्रेम रखती है। भेड़ाघाट की संगमरमरी वादियों व मां नर्मदा के अलौकिक सौंदर्य दर्शन के पहले लोग उस वक्त अचंभित हुए जब उन्होंने अपनी चप्पल उतार दी थी। उस वक्त मुर्मू के साथ रहे लोग बताते है कि मुर्मू से लोगों से चप्पल पहने रहने का आग्रह किया तो वह बोली कि 'मैं माँ नर्मदा के गोद में जा रही हूँ, तो भला चप्पल कैसे पहने रह सकती हूँ। उनकी यह बात सुनने वाले लोग आज भी उन बातों अपनी यादों में संजोए है। भेड़ाघाट नगर परिषद् के तत्कालीन CMO एसके रावत और अन्य लोग द्रोपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने पर बेहद खुश है।
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