MP News: जबलपुर में फ्लाईओवर ब्रिज लोकार्पण को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल, पुलिस ने की पानी की बौछार
MP news: मध्य प्रदेश में प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर ब्रिज के लोकार्पण में देरी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाया है। 14 जून 2025 को कांग्रेस कार्यकर्ता इस फ्लाईओवर का लोकार्पण करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने पानी की बौछार (वाटर कैनन) का इस्तेमाल कर उन्हें खदेड़ दिया।
इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। यह घटना शहर में तनाव का कारण बन गई है और फ्लाईओवर के लोकार्पण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है।

जबलपुर में करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह फ्लाईओवर मध्य प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर है। यह शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए बनाया गया है। जानकारी के अनुसार, इस ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और मार्च 2025 में इसका लोकार्पण होना था। हालांकि, जून 2025 आ जाने के बावजूद इसका विधिवत उद्घाटन नहीं हो सका।

कांग्रेस का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर की आपसी खींचतान इस देरी का कारण है। पार्टी सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री राकेश सिंह और जबलपुर के सांसद आशीष दुबे के बीच इस फ्लाईओवर के उद्घाटन का श्रेय लेने को लेकर विवाद चल रहा है। इस सियासी खींचतान के चलते जनता को इस महत्वपूर्ण परियोजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कांग्रेस का अल्टीमेटम और प्रदर्शन
कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। सोमवार, 9 जून 2025 को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबलपुर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर 4 दिन के भीतर फ्लाईओवर के लोकार्पण की मांग की थी। ज्ञापन में कहा गया कि यह फ्लाईओवर जनता की सुविधा के लिए बनाया गया है, और इसके उद्घाटन में देरी से जनता को परेशानी हो रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी थी कि यदि 4 दिन में लोकार्पण नहीं हुआ, तो वे स्वयं जनता के साथ मिलकर इस ब्रिज का उद्घाटन करेंगे।
इसी अल्टीमेटम के तहत 14 जून को कांग्रेस कार्यकर्ता फ्लाईओवर के पास एकत्र हुए और इसका लोकार्पण करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने बीजेपी सरकार के खिलाफ नारे लगाए और लोकार्पण में देरी को जनता के साथ धोखा बताया। हालांकि, प्रशासन ने इसे अवैध कदम मानते हुए पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की और फिर पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और तनाव
पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने "बीजेपी सरकार हाय-हाय" और "फ्लाईओवर का लोकार्पण करो" जैसे नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह फ्लाईओवर जनता की मेहनत की कमाई से बना है, और बीजेपी की अंदरूनी सियासत के कारण इसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा। इस घटना ने शहर में तनाव का माहौल पैदा कर दिया, और सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
बीजेपी पर श्रेय की सियासत का आरोप
कांग्रेस ने इस मामले में बीजेपी पर श्रेय लेने की सियासत करने का आरोप लगाया है। स्थानीय कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने कहा, "यह फ्लाईओवर जनता की जरूरत के लिए बनाया गया था, लेकिन बीजेपी के नेता आपस में श्रेय लेने की होड़ में लगे हैं। राकेश सिंह और आशीष दुबे के बीच की खींचतान ने इस परियोजना को बंधक बना लिया है। जनता को अब और इंतजार नहीं करना चाहिए।"
जबलपुर के स्थानीय निवासियों का भी कहना है कि यह फ्लाईओवर शहर की ट्रैफिक समस्या को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शहर के प्रमुख चौराहों पर रोजाना लगने वाले जाम से लोग परेशान हैं, और इस फ्लाईओवर के शुरू होने से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद थी।
प्रशासन और पुलिस का रुख
जबलपुर पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति के इस तरह का प्रदर्शन और लोकार्पण का प्रयास अवैध है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया गया, और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।"
जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने भी इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा कि फ्लाईओवर का लोकार्पण जल्द से जल्द कराने के लिए प्रशासन और सरकार प्रयासरत हैं। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि इस तरह के प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
भविष्य की संभावनाएं
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और सरकार जल्द ही इस फ्लाईओवर का लोकार्पण नहीं करती, तो वे जनता के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के आलाकमान ने राकेश सिंह और आशीष दुबे को इस मामले में समन्वय बनाकर जल्द लोकार्पण करने के निर्देश दिए हैं।












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