Jabalpur News: रेलवे की जमीन पर रोड बनाने का मामला, सुप्रीम कोर्ट में दायर होगी विशेष अनुमति याचिका
जस्बलपुर में नैरोगेज छोटी लाइन की रिक्त भूमि पर ग्वारीघाट तक सड़क निर्माण मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा। हाई कोर्ट ने जनहित याचिका खारिज कर दी हैं।

Jabalpur road on railway land: जबलपुर में पूर्व में नैरोगेज रेल लाइन पर ट्रेन चलती थी। फिर ब्रॉडगेज में कन्वर्ट होने बाद पुरानी रेल लाइन की पटरी हटा दी गई। रेलवे की उस जमीन पर सड़क बनाने की मांग को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में प्रस्तुत तथ्यों पर गौर करने के बाद कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी हैं। अदालत ने इस मामले में स्वतंत्रता दे है कि याचिकाकर्ता इस मांग के संबंध में जनप्रतिनिधियों को अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

जबलपुर की छोटी लाइन चौराहे से ग्वारीघाट तक रेलवे की रिक्त भूमि पर सड़क निर्माण का मामला हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने माना कि इस मामले में कोई भी ठोस आधार नहीं हैं। साथ ही इस सन्दर्भ में सरकार की ओर से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया हैं। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ और न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सरकार की अधिसूचना जारी नहीं होने पर वह सड़क निर्माण के लिए कोई निर्देश दिए जा सकते। यह याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से दायर की गई थी। जिसमें बताया गया था कि रेलवे की उक्त भूमि से वैकल्पिक मार्ग निर्माण होने से नर्मदा तट ग्वारीघाट पहुंचना और आसान होगा। वर्तमान में जिस मार्ग का जनता उपयोग कर रही है, उसमें कई बार ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं।
धार्मिक पर्व के दौरान स्थिति और विकट हो जाती हैं। लिहाजा जनहित में सड़क निर्माण के लिए रेलवे को जमीन देने निर्देश दिए जाए। इस मामले में रेलवे की ओर से असिस्टेंट सालिसिटर जनरल पुष्पेंद्र यादव और सरकार की तरफ अधिवक्ता एसएस चौहान ने याचिका पर अपना पक्ष रखा और कहा कि यह मामला पोषणीय नहीं है। याचिकाकर्ता डॉ. पीजी नाजपांडे का कहना है कि वे इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर करेंगे।












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