Jabalpur News: हिट एंड रन केस का आरोपी अरेस्ट, 4 दिन से बेहोश पिंटू को बचाने मदद की दरकार
(Jabalpur News) दशहरा जुलूस देखकर लौटते वक्त घर के सामने तेज रफ़्तार कार की चपेट में आया पिंटू बर्मन अभी भी कोमा में है। हादसे के 4 दिन बाद भी उसे होश नहीं आया है। ब्रेन में गंभीर चोटे पहुंची है। घर का इकलौते सहारे पिंटू की जिंदगी बचाने अब मदद की दरकार है। महंगा इलाज के बीच वह जिंदगी का जंग लड़ रहा है। वहीं हिट एंड रन की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी कार्तिक कोतवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

4 दिन बाद भी पिंटू को नहीं आया होश
जबलपुर के रांझी इलाके में रहने वाला पिंटू बर्मन निजी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। घर के सामने सड़क हादसे का शिकार हुए पिंटू के सिर में गंभीर चोटे पहुंची, जिससे उसकी हालात शुरू से ही नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में भर्ती होते से ही उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। पिंटू कैटरिंग का काम करता है और परिवार का सिर्फ वहीं सहारा है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पिंटू के इस हादसे की कभी सपने में भी कल्पना नहीं की थी।

दशहरा का जुलूस देखकर लौटते वक्त हुआ था हादसा
दशहरा की देर रात लौटते वक्त घर के सामने ही तेज रफ़्तार बेलगाम कार ने पिंटू को टक्कर मारी थी। जिससे उछलकर करीब 20 फीट दूर जमीन में गिरा और गंभीर चोटे पहुंची। हादसे के बाद कार चालक आरोपी फरार हो गया था। पिंटू के साथ उसकी चचेरी बहनें भी घूमने गई हुई। बाइक से उन्हें उतारते ही सामने से लहराती आई कार ने टक्कर मार दी थी।

हिट एंड रन का आरोपी गिरफ्तार
हादसे में पिंटू को टक्कर मारने के बाद के बाद हादसे वाली लग्जरी कार बिजली के पोल से टकरा गई थी। कार में ड्राइवर के अलावा एक अन्य साथी भी सवार था। लेकिन वह एयर बैग खुलने की वजह से बच गए। इसी दौरान मौका पाते ही कार चालक और उसका साथी गाड़ी से उतरे और भाग गए। बाद में गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके आरोपी कार्तिक कोतवाल की पहचान हुई। रांझी पुलिस चार दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर पाई।

आरोपी की कार में मिले घातक हथियार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हादसे को अंजाम देने वाली कार की जब तलाशी ली गई, उसमें घातक हथियार भी मिले। वही घायल के परिजनों ने गाड़ी से शराब की खाली बोतल मिलने की बात भी कही है। आरोप है कि कार चालाक और उसके साथ बैठा दोस्त शराब के नशे में चूर थे। हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की। आरोपी कार्तिक कोतवाल पहले इसी तरह सड़क हादसे कर चुका है।

महंगा इलाज, जिंदगी बचाने की जंग
पिंटू पहले दिन से ही वेंटीलेटर पर है। एक बार भी ऐसी सिचुएशन नहीं आई कि उसे होश आया हो और वह बात कर सकें। निजी अस्पताल में इलाज भी महंगा है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। घायल पिंटू अपने मोहल्ले और दोस्तों का बड़ा चहेता रहा है। अपनी हैसियत के हिसाब से उसके दोस्त भी मदद कर रहे है, लेकिन वह मदद नाकाफी है। उसके दोस्तों की मांग है कि पिंटू की जिंदगी बचाने में सरकार मदद करें।












Click it and Unblock the Notifications