Jabalpur News: आयुष्मान योजना स्कैम के आरोपी डॉ. अश्विनी पाठक के अस्पताल का पंजीयन निरस्त
जबलपुर, 28 अगस्त: फर्जी मरीजों को भर्ती कर आयुष्मान योजना के जरिए फर्जीवाड़ा करने के आरोप में सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इससे पहले दिन में फर्जीवाड़े के आरोप में घिरे डॉ. अश्विनी पाठक की वेगा होटल को भी सील कर दिया गया हैं। पिछले तीन साल से बंद होटल को ही हॉस्पिटल का रूप देकर सरकारी योजना के नाम अवैध धंधा किया जा रहा था। बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन उल्लंघन का भी आरोप है।

आयुष्मान भारत योजना के नाम पर एमपी के जबलपुर में उजागर हुए बड़े स्केम में कार्रवाई जारी है। बड़े स्तर पर अवैध रूप से कमाई करने हॉस्पिटल में तब्दील होटल में फर्जी मरीज मिले थे। जिसके बाद प्रशासन ने मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए। जिसमें सरकार की आयुष्मान योजना के नाम अवैध कमाई के सबूत मिले। मामले की जांच आगे बढ़ी तो CMHO डॉ. संजय मिश्रा ने सेंट्रल इंडिया किडनी हॉस्पिटल का पंजीयन निरस्त कर दिया है। CMHO के मुताबिक इस हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी संबंधी NOC के वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके अलावा इसी हॉस्पिटल की आड़ में संचालक द्वारा बाजू में बनाई गई होटल का अस्पताल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।

नए मरीजों की भर्ती पर भी रोक
प्रशासन ने इस हॉस्पिटल के अलावा एक अन्य अस्पताल शीतल छाया का पंजीयन भी निरस्त किया। दोनों ही अस्पतालों में नए मरीजों की भर्ती पर भी रोक लगा दी है। इसके साथ ही वर्त्तमान में भर्ती मरीजों को समुचित उपचार के बाद डिस्चार्ज करने भी कहा गया है। जिसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को देना अनिवार्य होगा। आपको बता दे कई गंभीर आरोपों में घिरे सेन्ट्रल इंडिया किडनी हॉस्पिटल के संचालक द्वारा एमपी के कई जिलों से आयुष्मान योजना कार्डधारी मरीजों को बुलाया जाता था। इसके पीछे एक बड़े गिरोह के काम करने की बात भी सामने आ रही है। जिसकी जांच जारी है, फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की पहचान भी की जा रही है।












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