Indian Railways: अनलॉक ट्रैक से धड़धड़ाते निकली महाकौशल एक्सप्रेस, 100 मीटर हिस्से की चाबियां चोरी या साजिश?
Indian Railways: मध्य प्रदेश के जबलपुर रेल मंडल में कटनी-सतना रेल ट्रैक पर शुक्र रहा कि रविवार की रात महाकौशल या उसके आगे-पीछे की कोई ट्रेन बेपटरी नहीं हुई। वरना यहां भी कुछ दिनों पहले ओडिशा बालासोर हादसे जैसी तस्वीर सामने आ सकती थी। एक बड़ा हादसा टल गया।
दरअसल मैहर-सतना रेल ट्रैक में पटरियों को जकड़े रहने वाली चाबियां निकली हुई थी। यह स्थिति उचेहरा-लगरगवां स्टेशन के बीच लगभग 100 मीटर लंबे रेलवे ट्रैक पर थी। जिस पर जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली महाकौशल सुपरफ़ास्ट एक्सप्रेस गुजरी। इसी ट्रेन के ड्राइवर ने मामले की सूचना रेल प्रशासन को दी।
घटना रविवार रात लगभग साढ़े दस बजे की बताई जा रही हैं। जब जबलपुर से रवाना हुई महाकौशल सुपर फास्ट ट्रेन चाबियां निकले वाले 100 मीटर लंबे ट्रैक से धड़धड़ाते निकली। निकाली गई चाबियां जब इंजन से टकराई और ड्राइवर को आशंका हुई, तो इसकी खबर जबलपुर कंट्रोल रूम को दी गई थी।

काफी देर रोकन पड़ी ट्रेनों की आवाजाही
बिना देर किए कंट्रोल रूम से सतना और मैहर रेलवे इंजीनियरिंग विभाग को सूचना भेजी गई। आरपीएफ के साथ जब मौके पर टीम पहुंची, तो 100 मीटर लंबी पटरियों में से लगभग 158 चाबियां गायब मिली। कुछ चाबियां पटरियों पर, तो कुछ किनारे फेंक दी गई थी। कुछ चाबियां अभी भी गायब हैं। जांच टीम ने यह देखते ही कटनी और सतना स्टेशनों को दोनों ओर की ट्रेनों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए। नई चाबियां बुलाई गई, फिर ट्रैक लॉक करने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ।

ट्रैक की मजबूती के लिए होती है चाबी
इस खबर से पूरे पश्चिम मध्य रेल जोन में हड़कंप हैं। घटना वाले रेल ट्रैक के दोनों ओर रात भर पड़ताल चली। मौके से दो साइकिल और कुछ औजार मिले। जिससे आशंका जताई जा रही हैं कि इन चाबियों को या तो चोरों ने निकाला हैं, या फिर किसी बड़ी वारदात के इरादे से इस करतूत को अंजाम दिया। ठोस लोहे की कड़ी के रूप में इन चाबियों का इस्तेमाल रेल पटरियों से स्लीपर को जोड़ने और ट्रैक को मजबूती देने होता हैं। साथ ही गर्मी के दिनों में तापमान बढ़ने पर ये चाबियां पटरियों को टेड़ा-मेढ़ा होने से भी रोकती हैं।

प्रयागराज, झांसी रेल मंडल को किया अलर्ट
जिस रेल ट्रैक पर यह कारिस्तानी सामने आई है, व्यस्त ट्रैक माना जाता हैं। इटारसी-इलाहाबाद या फिर भोपाल-कटनी के रास्ते अधिकांश ट्रेने इसी रूट से इलाहाबाद की ओर जाती हैं। घटना स्थल से रेल प्रशासन ने जिस तरह के साक्ष्य जुटाए है, उसे अफसरों की भी नींद उड़ गई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रयागराज और झांसी रेल मंडल को भी अलर्ट भेजा गया हैं। जांच के लिए पश्चिम मध्य रेलवे आरपीएफ के आइजी पीके गुप्ता, जबलपुर रेल मंडल के सीनियर डीएससी अरूण त्रिपाठी के साथ रीवा से पुलिस विभाग के एडीजी वेकेंटेश्वर समेत पुलिस के आला अधिकारी भी मौक पर पहुंचे थे।
महाकौशल एक्सप्रेस में सवार थे करीब 15 सौ यात्री
बताया जाता है कि तेज स्पीड से इसी ट्रैक से गुजरी महाकौशल एक्सप्रेस में लगभग 15 सौ यात्री सवार थे। स्पीड में जाते हुए ट्रेन की यदि दो-चार बोगियां पटरी से उतर जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। जबलपुर रेल मंडल के डीआरएम विवेक शील का कहना है कि मामला बेहद गंभीर और उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही हैं। इस मामले में केस भी रजिस्टर्ड कराया गया हैं।
RPF ने कई ठिकानों पर मारे छापे
इस बड़ी घटना का पता लगने के बाद आरपीएफ ने कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश भी दी। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की रही हैं। हालांकि ट्रैक की चाबी निकालने के मामले में अभी कोई सफलता नहीं मिली हैं। आरपीएफ इंटेलिजेंस भी एक्टिव हो गई हैं।












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