Cyber Attack: पहले AIMMS, अब रैनसमवेयर वायरस क्यों तबाह करना चाहता है बिजली सिस्टम? जबलपुर में था अलर्ट
Cyber attack of ransomware virus: मध्य प्रदेश मैनेजमेन्ट कंपनी में रैनसमवेयर वायरस अटैक हुआ और अब फारेसिंक जांच में इसके सोर्स का पता लगाया जा रहा हैं। इसका वायरस फिरौती मांगने सिस्टम की फाइलों को इनक्रिप्ट कर देता हैं।

Cyber attack of ransomware virus: साइबर हमले के लिए कुख्यात रैनसमवेयर वायरस ने एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी को अपना शिकार बनाया। साइबर सेल की टीम अब मम्मले की तह में जाकर बड़ी साजिश रचने वाले सोर्स का पता लगा रही हैं। वहीं इस मामले ने कंपनी के सिक्युरिटी इंतजामों की भी पोल खुल गई हैं।
चौकाने वाली बड़ी बात यह है कि साइबर अटैक को लेकर 6 महीने पहले बिजली कंपनी को अलर्ट किया था। मेल भी भेजा गया था, बाबजूद इसके साइबर ब्लैकमेलिंग में रैनसमवेयर कामयाब हुआ। सर्वर और साफ्टवेयर बनाने वाली एलएनटी इन्फोटेक कंपनी पर भी एक्शन नहीं लिया जा रहा।
बताया गया कि 22 मई की रात पावर पावर मैनेजमेंट कंपनी का सर्वर अचानक ठप हो गया था। जब हड़कंप मचा तो साइबर अटैक का पता चला। मामला साइबर सेल में पहुंचा तो अब हार्ड डिस्क की जांच शुरू हो गई हैं। पता लगाने का प्रयास हो रहा हैं हैकर ने किस वायरस का उपयोग किया और कितना नुकसान पहुंचाने की साजिश थी।
पावर मैनेजमेंट कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में खुलकर कोई भी बात बताने तैयार नहीं। आधिकारिक तौर पर भी कोई बयान जारी नहीं किया जा रहा हैं। ऐसे में जानकार उन अफसरों की सर्वर और सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी से गहरी सांठगाँठ की बात भी कह रहे हैं।
तकनीकी तौर पर जिस कंपनी को यह काम मिला और बिजली विभाग के सर्वर-सॉफ्टवेयर की सुरक्षा होना चाहिए, उसकी स्थिति सामने आ गई हैं। आईटी एक्सपर्ट प्रशांत पोल का कहना है ऐसे मामलों में सिक्युरिटी ऑपरेशन सेंटर की बड़ी जिम्मेदारी होती हैं। साइबर अटैक हुआ, मतलब ऑपरेशन सेंटर की मॉनिटरिंग में बड़ी चूक है।
वायरस को ब्लाक न हो पाना भी कई सवालों को जन्म दे रहा। अटैक हुआ यानि वायरस को काउंटर करने के इंतजाम नाकाफी थे। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि यह अटैक ई-मेल में डी-मार्क मालवेयर के जरिये हुआ, या फिर दूसरे ढंग से। पिछले साल 23 नवंबर को देश के सबसे बड़े हैल्थकेयर संगठन AIIMS में रैनसमवेयर अटैक हुआ था। जिससे हॉस्पिटल के पेसेंट के डाटा और ऑपरेशन्स प्रभावित हुए थे। इसकी जांच दिल्ली पुलिस के इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस ने की थी।












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