MPPSC सवाल पर बबाल: दो पेपर सेटर्स पर कार्रवाई, नोटिस जारी किया गया डीबार्ड, मंत्री नरोत्तम बोले सरकार गंभीर
MPPSC के एग्जाम में पूछे गए एक विवादित सवाल पर मचा बबाल बढ़ता ही जा रहा है। मप्र में कांग्रेस इस मामले को लेकर शिवराज सरकार पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस सरकार से सवाल कर रही है
भोपाल, 21जून: मध्यप्रदेश में एमपीपीएससी (MPPSC) एग्जाम में पूछा गया एक सवाल अब सियासी रंग लेने लगा है। विवादित सवाल को लेकर उपजे विवाद में जहाँ कांग्रेस मप्र सरकार पर आरोपों की बौछार कर रही है, तो वही सूबे के गृहमंत्री ने सफाई दी है कि सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। सरकार ने प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले पेपर सेटर्स को PSC ने डीबार्ड कर दिया है। यानि भविष्य में देशभर में उनसे प्रश्न-पत्र से संबंधित किसी भी तरह का कोई काम नहीं लिया जाएगा।

एक बार फिर MPPSC के एग्जाम में पूछे गए एक विवादित सवाल पर मचा बबाल बढ़ता ही जा रहा है। मप्र में कांग्रेस इस मामले को लेकर शिवराज सरकार पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस सरकार से सवाल कर रही है कि परीक्षा के लिए प्रश्न-पत्र बनाने वाले क्या किसी किसी राजनीति से प्रेरित है? कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच होना चाहिए। शर्मा ने कश्मीर के इतिहास को याद दिलाते हुए कहा कि जिस कश्मीर को बचाने हजारों-लाखों पुलिस आर्मी के जवानों और पंडितों ने अपनी जान कुर्बान कर दी। उस कश्मीर के लिए PSC सवाल पूछ रहा कि क्या कश्मीर पाकिस्तान को दे देना चाहिए? कांग्रेस ने FIR दर्ज करने की मांग भी की है।

गृहमंत्री नरोत्तम बोले पेपर सेटर्स पर हुई कार्रवाई
सियासी तूल पकड़ते जा रहे इस मामले को लेकर मप्र सरकार ने भी एक्शन लेने में देर नहीं लगाई। मप्र के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। MPPSC के C सेट में पूछा गया एक सवाल आपत्तिजनक है। पेपर सेटर्स का पता लगाकर अभी तक दो लोगों को चिन्हित किया गया है। प्रश्न पत्र और सवाल बनाने वाले दोनों लोगों को PSC ने डीबार्ड कर दिया है। महाराष्ट्र और एमपी के उन दोनों लोगों से अब प्रश्न-पत्र से संबंधित देश भर में कही भी कोई कार्य नहीं कराया जा सकेगा। गृहमंत्री बोले कि दोनों पेपर सेटर्स को नोटिस भी जारी किए है, साथ ही विवादित प्रश्न बनाने में शामिल अन्य जिम्मेदारों के बारे में भी पता किया जा रहा है।
इस सवाल को लेकर मचा है बबाल
MPPSC की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2021 प्रदेशभर के सभी जिलों में 944 सेंटर पर हुई जिसमें तकरीबन 3 लाख 54 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2021 के लिए 22 दिसंबर 2021 को विज्ञापन जारी किया गया था। पहले यह परीक्षा 9 फरवरी 2022 को होना था, लेकिन इसकी तारीख बदलकर 19 जून तय की गई थी। परीक्षा में कई सेट थे जिसमें C सेट में एक सवाल किया गया कि 'क्या कश्मीर को पाकिस्तान को देने का निर्णय कर लेना चाहिए'? इस प्रश्न के जबाब में दो तर्क शामिल थे, पहला हां इससे भारत का बहुत सा धन बचेगा और दूसरा नहीं, ऐसे निर्णय से इसी तरह की और भी मांगे बढ़ जाएंगी । प्रश्न के जबाब के लिए चार ऑप्शन दिए गए थे, जिनमें परीक्षार्थी को किसी एक का चयन करना था।
(A) तर्क I प्रबल है।
(B) तर्क II प्रबल है।
(C) तर्क I और II दोनों प्रबल हैं।
(D) तर्क I और II दोनों प्रबल नहीं हैं।












Click it and Unblock the Notifications