अनूप कुमार सिंह : मां के लिए IAS बेटे ने छोड़ी कलेक्टरी, 35 दिन बाद वो हार गई जिंदगी की जंग
जबलपुर, 19 मई। मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अनूप कुमार सिंह की मां रामदेवी को बचाया नहीं जा सका। 35 दिन के उपचार के बाद मंगलवार को उनका निधन हो गया।

दमोह का डीएम बनाया था
मध्य प्रदेश के जबलपुर में अपर जिला कलेक्टर पद पर कार्यरत आईएएस अनूप कुमार सिंह और उनकी मां रमादेवी पिछले दिनों उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब सरकार ने अनूप कुमार सिंह का जबलपुर से दमोह जिला कलेक्टर पद पर तबादला कर दिया था।

मां की सेवा के लिए नहीं किया था ज्वाइन
सात मई को मध्य प्रदेश सरकार ने आदेश जारी कर अनूप कुमार सिंह को दमोह का जिला कलेक्टर बनाया था, मगर उसी दिन आईएएस अनूप कुमार सिंह ने अपनी की तबीयत खराब होने का हवाला देकर दमोह डीएम पद पर ज्वाइन करने में असमर्थता जता थी।

अनूप कुमार का ट्रांसफर आदेश हुआ था निरस्त
इसके अगले ही दिन सरकार ने उनका तबादला निरस्त कर दिया था। फिर उनकी जगह इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त एस कृष्ण चैतन्य को दमोह जिला कलेक्टर पद पर लगाया। आईएएस अनूप कुमार सिंह की बतौर कलेक्टर पहली पोस्टिंग होने वाली थी, मगर उन्होंने मां की सेवा को प्राथमिकता दी। फिलहाल ये जबलपुर में एडीएम ही हैं।

वेंटिलेटर पर थीं आईएएस की मां
बता दें कि आईएएस अनूप कुमार सिंह की मां रामदेवी की तबीयत 13 अप्रैल 2021 को खराब हुई थी। जबलपुर की बजाय उनको ग्वालियर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया 67 वर्षीय रामदेवी की पहले तो कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। फिर वे पॉजिटिव हो गई थी। पिछले नौ दिन से रामदेवी वेंटिलेटर पर थी। उनका डायलिसिस चल रहा था। डॉक्टरों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया।

कानपुर के रहने वाले हैं अनूप कुमार सिंह
बता दे आईएएस अनूप कुमार सिंह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। साल 2013 के आईएएस अधिकारी हैं। इनके इटावा में भी घर हैं। मां बीमार होने पर इटावा में थी। फिर उन्हें ग्वालियर लाया गया। घर पर पिता और तीन बहनें हैं। एक बहन की शादी हो चुकी है। जबलपुर एडीएम से पहले अनूप कुमार ग्वालियर में पदस्थ रह चुके हैं।












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